एफएटीएफ में पाक को ब्लैक लिस्ट कराने में जुटा भारत

पेरिस में एफएटीएफ की अगले हफ्ते होगी बैठक, भारत कामयाब होता है तो भरभरा जाएगी पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था

पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत आक्रामक है। कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर पाक को दुनिया में अलग-थलग करने और उसकी अर्थव्यवस्था पर भी प्रहार करने की भारत की तैयारी है। पुलवामा हमले में पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम आने के बाद भारत ने उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। इसके फौरन बाद भारत ने पाक से आयात होने वाली चीजों पर सीमा शुल्क भी 200 पर्सेंट बढ़ा दिया है। अब भारत दुनिया भर में आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ काम करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स को डॉजिएर सौंपेगा और पाक को ब्लैकलिस्ट करने की मांग करेगा।

मालूम हो कि एफएटीएफ ने बीते साल जुलाई में ही पाक को ग्रे लिस्ट में शामिल किया था। साथ ही चेतावनी दी गयी थी कि यदि पाक के रवैये में सुधार नहीं हुआ तो फिर उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। अगले हफ्ते एफएटीएफ की सालाना मीटिंग पैरिस में होनी है। लिहाजा, इस मीटिंग के दौरान भारत के डॉजिएर पर विचार करते हुए पाक को ब्लैकलिस्ट करने का फैसला भी हो सकता है। फिलहाल सुरक्षाबल सामने आये और जुटाये गये सबूतों के आधार पर डॉजिएर तैयार करने में जुटा है।

एफएटीएफ को यह बतायेगा कि किस तरह पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआपीएफ पर आत्मघाती हमले को अंजाम देने की साजिश रची। एफएटीएफ ने फिलहाल ईरान और उत्तर कोरिया को ब्लैकलिस्ट कर रखा है। जानकारी के अनुसार एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट किये जाने का मतलब होता है कि संबंधित देश मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनैंसिंग के खिलाफ जंग में सहयोग नहीं कर रहा है। यदि पाक को ब्लैक लिस्ट किया जाता है तो फिर उसे वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ, एडीबी, यूरोपियन यूनियन जैसी संस्थाओं से कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा।

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