बहन के प्रेमी की हत्या मामले में 4 भाईयों को उम्र कैद

कोर्ट ने अपहरण, हत्या व साक्ष्य छुपाने पर 48000 का जुर्माना भी लगाया/ 4 फरवरी 2017 को बहन के प्रेमी की हत्या कर गाड़ दी गयी थी लाश

दुमका/संवाददाता। दुमका के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत ने हत्या के एक मामले में मृतक की प्रेमिका के चार भाईयों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। कोर्ट ने चारों भाईयों पर कुल मिलाकर 48000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्तों को कुल मिलाकर ढाई साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामला जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के आसनबनी गांव में 8 फरवरी 2017 को सामने आया था। तब इसकी प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी थी। हालांकि हत्या पांच दिन पूर्व ही की जा चुकी थी।

कैसे की गयी थी हत्या

लड़की के चार भाईयों ने उसके प्रेमी 24 वर्षीय परमेश्वर मरांडी की अगवा करने के बाद पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। साथ ही शव को एक नाले के पास गाड़ दिया था। खोजी कुत्ते की मदद से पुलिस ने घटना के चार दिन बाद शव को बरामद कर इस कांड का उद्भेदन किया था।

क्या था मामला

जानकारी के अनुसार आसनबनी के परमेश्वर मरांडी का प्रेम प्रसंग ठाकरान टोला के राम टुडू की बहन से चल रहा था। मामले मे दो बार पंचायती हो चुकी थी। मृतक की मां मकू बेसरा के अनुसार परमेश्वर 4 फरवरी 2017 को सरस्वती पूजा विसर्जन में भाग लेने ठाकरान टोला गया था और तब से ही गायब था। प्रतिमा विसर्जन जुलूस में परमेश्वर नाच रहा था। गांव से बाहर निकलते ही उसकी प्रेमिका के भाई बुद्धिनाथ टुडू, राम टुडू, सनातन टुडू व सोमाय टुडू ने परमेश्वर को पकड़ लिया और उसे फुटबॉल मैदान की तरफ ले गया। जब परमेश्वर 7 फरवरी 2017 की शाम तक घर नहीं लौटा तो इसकी सूचना शिकारीपाड़ा पुलिस को दी गयी। पुलिस 8 फरवरी 2017 को जब ठाकरान टोला फुटबॉल मैदान गयी तो वहां गोलपोस्ट के बांस से किसी को पीटे जाने और धनघारा नाला के सामने परमेश्वर का आधा फटा हुआ जांघिया मिला था। उससे कुछ दूरी पर खून का निशान भी मिला था। तत्कालीन पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अजय केसरी ने जिले से खोजी कुत्ता मंगा कर जब उसकी मदद ली तो परमेश्वर का शव बरामद किया गया था। इस मामले में मृतक की मां के बयान पर शिकारीपाड़ा थाना में परमेश्वर की प्रेमिका के चारों भाइयों के खिलाफ भादवि की धारा 364, 302 और 201 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इन धाराओं के तहत दी गयी सजा

तौफीकुल हसन की अदालत ने बुद्धिनाथ टुडू, राम टुडू, सनातन टुडू व सोमाय टुडू को धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास के अलावा 5000 रुपये की दर से जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर 2 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। भादवि की धारा 364 के तहत कोर्ट ने चारों को 10 साल की सजा और 5000 रुपये की दर से जुर्माना की सजा सुनायी है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर 2 साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। चारों अभियुक्तों को भादवि की धारा 201 के तहत भी 3 साल की सजा और 2000 रुपये की दर से जुर्माने की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं अदा करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस केस में अभियोजन की ओर से एपीपी दिनेश कुमार ओझा और बचाव पक्ष की ओर से कुमोद नारायण झा ने पैरवी की।

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