मुख्यमंत्री मेरे पीछे हाथ धोकर पड़े हैं: हेमंत सोरेन

मेरे खिलाफ एसआइटी गठित करने वाले करें मेरी संपत्ति का खुलासा/पूरा झारखंड हमारा, हमारी ही जमीन पर खड़े होकर मांगा जा रहा हमसे हिसाब/आदिवासियों को वनभूमि से बेदखली के खिलाफ झामुमो करेगा बड़ा आंदोलन

दुमका/संवाददाता। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि ‘मुख्यमंत्री रघुवर दास मेरे पीछे हाथ धोकर पड़े हैं। मेरी संपत्ति की जांच के लिए उन्होंने वर्षों पहले एसआईटी का गठन कर रखा है। मेरी संपत्ति की जानकारी मुझसे ज्यादा रघुवर दास को है तो क्यों नहीं वह उसका खुलासा कर देते हैं।’ दुमका में पत्रकारों से बातचीत में हेमंत सोरेन ने कहा कि ‘चोर मचाये शोर’। हेमंत सोरेन ने कहा कि पूरा झारखंड हमारा है। कोई हमारी ही जमीन पर खड़ा होकर हमसे ही हिसाब मांग रहा है। यहां बता दें कि रविवार को दुमका में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन के बारे में कहा था कि वह जमीन लूटकर जमींदार बन गये हैं। हेमंत मुख्यमंत्री के इसी बयान पर पलटवार कर रहे थे।

झारखंड में कुल जमीन का 29 फीसद वन भूमि

वनाधिकार पट्टा को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर हेमंत सोरेन ने कहा कि इस मुद्दे पर झामुमो बड़ा आंदोलन करेगा। सोरेन ने कहा कि झारखंड में कुल भूमि का 29 प्रतिशत वन भूमि है और कोर्ट का यह आदेश एक बड़े तबके को प्रभावित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफिया और जमीन माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने षड़यंत्र रचा है। झारखंड सरकार ने कोर्ट में अपनी दलील सही ढंग से नहीं रखी है। अब सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करने की बात कह रही है। कोर्ट के सामने आधी-अधूरी रिपोर्ट रखने की वजह से कोर्ट ने सरकार को बुरा-भला भी कहा। वनाधिकार अधिनियम के तहत जमा किये गए आवेदनों में से 43 प्रतिशत आवेदन निरस्त किये गये हैं। दूसरी ओर निरस्त आवेदन में से पुन: फाइल करने के बाद 80 प्रतिशत लोगों का दावा सही पाया गया और उन्हें पट्टा मिला।

तो बेदखल हो जाएंगे 20 लाख परिवार

हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा सरकार की बेरुखी से कोर्ट का जो फैसला आया है उसमें वन भूमि पर पुश्तों से रह रहे लोगों को पुन: अपील करने का मौका नहीं मिल पाएगा। अगर पूर्व की स्थिति बहाल नहीं हुई तो वन भूमि से करीब 20 लाख परिवार अपने प्राकृतिक अधिकार से बेदखल हो जाएंगे। इसे लेकर झामुमो ने आंदोलन शुरू कर दिया है, क्योंकि पार्टी किसी भी सूरत में आदिवासियों को जंगल से बेदखल नहीं होने देगी। झामुमो किसी भी परिस्थिति में जंगल में रह रहे आदिवासियों को जबरन बेदखल होने नहीं देगी। झाविमो के छह विधायकों की सदस्यता पर आये फैसले पर हेमंत ने कहा कि रघुवर दास ने विधान सभा को हाईजैक कर रखा है। झारखंड विधान सभा देश की सबसे कमजोर विधान सभा है।

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