लालू की सुरक्षा में अब होंगे एक एस्कॉर्ट कार व 22 जवान

सरकारी फैसले के बाद बिहार में छिड़े सियासी संग्राम के बीच जानें सुरक्षा श्रेणियों की जानकारी

आंकड़ों के अनुसार देश में औसतन करीब 700 की आबादी पर एक पुलिस जवान सुरक्षा के लिए मौजूद हैं। हालांकि इसमें दो राय नहीं कि इन आम लोगों के मुकाबले वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा का मसला ज्यादा संवेदनशील है। मगर, इन सबके बाद भी गाहे-बगाहे वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा पर खर्च में कटौती की मांग कई सामाजिक संगठन उठाते रहे हैं। आज केंद्र सरकार की ओर से बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और जीतन राम मांझी की जेड प्लस की सुरक्षा में कटौती करते हुए उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा देने के फैसले के बाद उपरोक्त सवाल फिर से प्रासंगिक हो गया है।

केंद्र के इस फैसले से बिहार में नया सियासी संग्राम दिख रहा है। लालू प्रसाद के पुत्र और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने तो कड़ी प्रतिक्रिया में पीएम मोदी की खाल उधेड़वा देने की बात कर कर दी। जबकि राजद नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार मिलकर लालू यादव की हत्या की साजिश रच रही है। ऐसे में लोगों के लिए यह जानना भी जरूरी हो चला है कि आखिर जेड प्लस और जेड श्रेणी की सुरक्षा क्या है? साथ ही सुरक्षा में कटौती के बाद लालू यादव की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा इंतजामों की जानकारी भी जरूरी है।

मालूम हो कि देश में नेताओं, अफसरों या किसी व्यक्ति की सुरक्षा खतरों को देखते हुए उन्हें सरकार और पुलिस की ओर से सुरक्षा मुहैया करायी जाती है। खतरों को देखते हुए ही जेड प्लस, जेड, वाई या एक्स कैटगरी की सुरक्षा देने का पैमाना फिक्स होता है। ऐसी सुरक्षा पाने वाले अधिकतर लोग केंद्र सरकार के मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, मशहूर राजनेता और कुछ वरिष्ठ नौकरशाह होते हैं। फिलहाल भारत में करीब 450 लोगों को ऐसी सुरक्षा मिली है। इन 450 लोगों में से 15 को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।

उल्लेखनीय है कि 10 एनएसजी और एसपीजी कमांडो 26 पुलिस दल के जवान जेड प्लस की सुरक्षा श्रेणी में तैनात होते हैं। मसलन जेड प्लस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। यह सुरक्षा वीवीआईपी लोगों को मिलती है। सुरक्षा के पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी की होती है, जबकि दूसरे लेयर में एसपीजी के अधिकारी होते हैं। इनके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं। जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी कमांडो सुरक्षा कवच देते हैं। जबकि जेड कैटगरी में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान जेड श्रेणी की सुरक्षा में तैनात होते हैं। जेड कैटगरी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को एक एस्कॉर्ट कार भी मिली होती है। मसलन, लालू यादव की सुरक्षा में अब 22 जान तैनात रहेंगे। साथ ही उनके साथ एक एस्काॅर्ट कार भी रहेगी। इसी तरह वाई कैटगरी में 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं तो एक्स कैटगरी में 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।

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