स्कॉर्पियो पर सवार देवघर विधायक पर हुआ था हमला

फॉरेंसिक जांच ने खोली लापरवाही की परतें, किया खुलासा/छह महीने पहले सौंपी गयी फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट अब आयी सामने/ जांच अधिकारी की रिपोर्ट के छह महीने बाद भी हमलावर सलाखों से दूर/ 9 मई 2018 को विधायक नारायण दास की गाड़ी पर हुआ था हमला

देवघर/संवाददाता। देवघर के भाजपा विधायक नारायण दास का वाहन नौ मई 2018 को धरवाडीह गांव स्थित पुलिया के समीप अत्यधिक तापमान से क्ष्तिग्रस्त नहीं हुआ था, बल्कि वह हमले का शिकार हुआ था। यह खुलासा घटना के इतने दिनों बाद फॉरेंसिक जांच से हुआ। हालांकि फॉरेंसिक जांच ने मामले में कई संदेह और सवाल पैदा किये हैं। दरअसल, फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट जांच अधिकारियों ने छह महीने पहले सोंप दी थी। मगर यह रिपोर्ट अब सामने आयी है। रिपोर्ट छह महीने पहले ही पुलिस प्रशासन को मिल जाने के बाद भी हमलावरों की शिनाख्त नहीं हो सकी। हमले का शिकार हुए विधायक नारायण दास सत्तापा से आते हैं, बावजूद इसके इतनी प्रशासनिक लापरवाही कई सवाल छोड़ रही है।

घटना के बाद इंस्पेक्टर की रिपोर्ट थी भ्रामक

मालूम हो कि घटना के बाद विधायक के ड्राइवर ने जसीडीह थाना में हमले की शिकायत दर्ज करायी थी। लेकिन, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की रिपोर्ट ने हमले की बात ही खारिज कर दी थी। जानकारी के मुताबिक इस मामले में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की अपनी रिपोर्ट में कहा था कि तापमान अधिक हो जाने से स्कॉर्पियो का शीशा टूटा था। हालांकि बाद में यानी जून 18 में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि अत्यधिक तापमान से नहीं बल्कि किसी ठोस चीज के हमले से विधायक की गाड़ी का शीशा टूटा था।

क्या है पूरा मामला

विधायक नारायण दास नौ मई 2018 को अपनी स्कार्पियो (जेएच 15 जे-0021) से अपने पैतृक गांव राधेमोहडार-कोयरीडीह जा रहे थे। गाड़ी में उनके अलावा उनकी पत्नी रीता भारती, बेटी शिवानी व नाती अर्णव साथ में थे। गाड़ी सत्यवान लेट चला रहा था। गाड़ी जैसे ही धरवाडीह से आगे एक पुलिया पहुंची उस पर हमला कर दिया गया, जिससे गाड़ी का शीशा चकनाचूर हो गया। गाड़ी पर विधायक के दो बॉडीगार्ड भी मौजूद थे। हालांकि इस हमले में विधायक व उनका परिवार बाल-बाल बच गया था। गाड़ी को रोकने के बजाये तेज गति से भगाते हुए ड्राइवर बसंतपुर गांव पहुंचे। दूसरे दिन चालक के बयान पर जसीडीह थाने में मामला दर्ज किया गया।

फोंरेसिक जांच में जो बातें आयी सामने

विधायक के आग्रह पर इस मामले की फोंरसिक जांच करायी गयी। जांच टीम में संयुक्त डिप्टी डायरेक्टर सत्येंद्र सिंह व सहायक निदेशक बीके ठाकुर ने 13 मई 2018 को गाड़ी की बारिकी से जांच की। 16 अगस्त 2018 को टीम ने जो रिपोर्ट सौंपा है, उसमें यह बताया गया कि गाड़ी का शीशा किसी ठोस चीज के प्रहार से टूटा है।

जिस समय रिपोर्ट सौंपी गयी थी, उस समय श्रावणी मेला रहने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी। पूरा मामला संज्ञान में है और अविलंब इस दिशा में अगे्रतर कार्रवाई की जाएगी। विधायक के सुरक्षा गार्डों का हथियार बदल दिया गया है। उनकी सुरक्षा बढ़ायी जाएगी।
                                                                                                                                                                           नरेंद्र कुमार सिंह, SP

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