स्थायी नहीं होंगे पारा शिक्षक, काम पर लौटें, वरना कार्रवाई

मुख्यमंत्री रघुवर दास का संताल दौरा, लिट्टीपाड़ा विधानसभा रणबहियार में जन चौपाल में कहा/ हरेक आदिवासी गांव के विकास के लिए 25 लाख/ जो पारा शिक्षक काम पर नहीं लौटते हैं उन्हें बरखास्त करें डीसी/ स्कूलों में पढ़ाई बाधित ना हो इसके लिए नये शिक्षक बहाल करने की हिदायत

लिट्टीपाड़ा। संवाददाता/ मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लिट्टीपाड़ा प्रखंड के रणबहियार में आयोजित जन चौपाल में रविवार को कहा है कि 2019-20 के बजट में राज्य सरकार सभी आदिवासी गांव को अलग से 25 लाख रुपये का आवंटन कर रही है। इस राशि से आदिवासी गांवों का विकास होगा। साथ ही उन्होंने साफ कह दिया है कि पारा पारा शिक्षकों का न तो स्थायीकरण हो सकता है और न ही उनके समान काम के लिए समान वेतन ही दिया जा सकता है। इसलिए पारा शिक्षकों से अपील है कि वे अपने काम पर लौट आएं। अन्यथा उन्हें नोटिस जारी कर हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के बहकावे में आकर ये लोग अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। किसी की भी सरकार बने कोई भी इनका न तो स्थायीकरण कर सकता है और न ही समान काम के लिए समान वेतन ही दे सकता है। क्योंकि यह एक तकनीकी प्रक्रिया है। जिसके तहत उनकी बहाली नहीं की गई है।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गांव के पढ़े लिखे युवक-युवतियों को बतौर घंटी आधारित शिक्षक नियुक्त करने का निर्देश दिया, ताकि स्कूलों में पढ़ाई बंद न हो। छत्तीसगढ़ में पंचायती राज व्यवस्था नियमावली के तहत विज्ञापन निकालकर और आरक्षण के सभी मान्य नियमों का पालन करते हुए नियुक्ति की गई थी। जबकि झारखंड में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। इसलिए वे यथा शीघ्र अपने काम पर लौट आएं।

सीएम हुए लोगों की समस्याओं से रूबरू

सीएम श्री दास लिट्टीपाड़ा प्रखंड के रणबहियार में ग्रामीणों से रूबरू हुए। साथ ही सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। जन चौपाल में उन्होंने कहा कि सरकार के चार साल के कार्यकाल की विस्तृत रिपोर्ट आम जनता को जानने का हक है और इसे लोगों के समक्ष रखने के लिये वे आए हैं। 2019-20 के बजट में पाकुड़ और लिट्टीपाड़ा का बजट कैसा हो, इस बाबत उन्होंने लोगों से सुझाव मांगा। लोगों से पूछा कि क्षेत्र के किसान, युवाओं, महिलाओं, आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कैसी योजनाएं बनाई जाएं। इस बजट को आम लोगों के सहयोग से बनाया जाएगा। क्योंकि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह सरकार है और जनतंत्र में जनता ही स्वामी है।

जनता के सपने पूरे करने के लिए मिला है पद

बकौल रघुवर दास ”मैं मुख्यमंत्री बना हूं, इस पद को सुशोभित करने के लिए नहीं, बल्कि अलग राज्य की जनता के अधूरे सपने को पूरा करने, जन सेवा व समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री बना हूं। आपने एक मजबूत व स्थिर सरकार का निर्माण किया। सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं यह आप से जानूंगा। आप अपने अधिकार के प्रति भी जागरूक बनें और योजनाओं का लाभ लें।”

सीएम ने कहा कि 67 हजार आदिम जनजाति के परिवारों को चार माह में सुविधाओं से आच्छादित किया जाएगा। सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि आजादी के बाद से राज्य में निवास करने वाले 67 हजार आदिम जनजाति के परिवारों की चिंता किसी ने नहीं की। लेकिन हमारी सरकार ने इन परिवारों की सुध ली है। अगले 4 महीने के अंदर उनके गांव को मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित किया जाएगा। गांव में पानी का टंकी, सोलर लाइट, पाइपलाइन से जलापूर्ति की जाएगी। पाकुड़ में निवास करने वाले आदिम जनजाति के लिए बिरसा आवास योजना के तहत 625 घरों का निर्माण किया जाएगा। कहा कि 217 करोड़ से लिट्टीपाड़ा में पेयजलापूर्ति योजना शुरू होगा। पाकुड़ से सात महिला किसान इजरायल जाएंगी।

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