बाल ठाकरे क्यों थे अमिताभ बच्चन के असली हीरो?

बाला साहब ठाकरे के प्रति दिल में दबी आस्था का सदी के महानायक ने किया राजफास

नई दिल्ली। सदी के महानायक कहे जाने वाने सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा है कि बाला साहब ठाकरे उनकी जिंदगी के सबसे बड़े हीरो थे। अमिताभ ने कहा कि बाला साहेब पिता तुल्य थे। मैं और मेरा परिवार जब आरोपों और बदनामी से घिरा था तब उन्होंने काफी मदद की थी।

अमिताभ ने कहा कि बोफोर्स मामले में मेरा नाम आया तो मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान था। इसी दौर में बाला साहब ने मुझे बुलाया और कहा कि अमिताभ मैं तुमसे केवल सच सुनना चाहता हूं। अमिताभ बच्चन के मुताबिक बाला साहब को उन्होंने अपनी सारी सच्चाई बतायी और कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है। इसपर ठाकरे ने कहा कि अब तुम घर जाओ और थोड़े दिन घर से बाहर मत निकलना। कुछ ही दिन में सब ठीक हो जाएगा, मैं खुद तुम्हारे साथ चलूंगा और तुम सिर उठाकर चलना।

बाल ठाकरे से जुड़े संबंधों को लेकर अमिताभ ने और भी कई राज खोले। एक और टचिंग किस्सा सुनाते हुए अमिताभ ने बताया कि जब मैं ‘कुली’ फिल्म की शूटिंग के दौरान घायल हो गया था तब एक भी एंबुलेंस नहीं मिल रहा था। उस वक्त बहुत तेज बारिश हो रही थी और मैं दर्द से चिल्ला रहा था। इस मुश्किल दौर में भी ठाकरे साहब ने मेरी मदद की थी। ठाकरे को मेरे घायल होने की सूचना मिली तो उन्होंने मुझे शिवसेना की एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचवाया था। अमिताभ ने कहा कि मैं ठाकरे साहब को कभी भूल नहीं सकता।

बहरहाल, अमिताभ बच्चन और शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं रही हैं। वर्ष 2012 में बाल ठाकरे के निधन के वक्त अमिताभ का उतरा हुआ चेहरा उनेक दिल के दर्द बयान कर रहा था। इतने दिन बाद एक बार फिर अमिताभ ने बाल ठाकरे को याद किया है। बाल ठाकरे की बायोपिक फिल्म ‘ठाकरे’ का फस्र्ट लुक रिलीज किया गया, इसका अनावरण अमिताभ बच्चन ने ही किया है। यहां बाल ठाकरे की फोटो देखकर अमिताभ अपनी यादों की दुनिया में खो गये। अमिताभ ने शिवसेना के संस्थापक को दिल से याद करते हुए कहा कि मैं बाला साहब को कभी नहीं भूल सकता हूं।

मालूम हो कि बाल ठाकरे का जन्म एक साधारण मराठी कायस्थ परिवार में 23 जनवरी 1926 को हुआ था। पढ़ायी के बाद उन्होंने समाजसेवा में कदम रखा और पिछड़ों के लिए संघर्ष तेेज किया। वर्ष 1950 के दशक में उन्होंने मुंबई में एक अखबार फ्री प्रेस जनरल में एक कार्टूनिस्ट के रूप में काम शुरू किया। वर्ष 1960 में उन्होंने अपनी कार्टून वीकली पत्रिका मार्मिक लॉन्च की। अपने अभियानों में उन्होंने इसका इस्तेमाल किया। 19 जून 1966 में ठाकरे राजनीति से जुड़ गये और 19 जून 1966 को शिवाजी पार्क में उन्होंने पहली रैली आयोजित कर शिवसेना गठित की। गैर मराठियों के खिलाफ अभियानों में लगे शिवसेना के कार्यकर्ताओं को सैनिक का दर्जा दिया और अपनी सेना के साथ उन्होंने तमाम अभियान चलाये। बाला साहब हमेशा से बॉलीवुड के करीब रहे। अमिताभ बच्चन से लेकर तमाम कलाकारों संग उनके नजदीकी रिश्ते रहे।

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