चुटकियों से समझे साल के 12 महीनों की सियासी सरगम

2017 की राजनीति को समझने के लिए जिन चुटकुलों का इस्तेमाल खूब हुआ, उसे देखें

जनवरी, 2017ः समाजवादी पार्टी का पारिवारिक घमासान

आप अगर अपने पिता की नहीं सुन रहे हैं तो आप अखिलेश हैं।

आप अगर अब भी अपनी मम्मी की सुन रहे हैं तो आप राहुल हैं।

आप अगर किसी की नहीं सुन रहे हैं तो आप नरेंद्र मोदी हैं।

अगर आपकी कोई नहीं सुन रहा है तो आप आडवाणी या मुलायम सिंह यादव हैं।

यक्ष – सपा के झगड़े में सबसे बड़ी विडंबना क्या है?

युधिष्ठिर – जिस उम्र में अपने पिता को बेटा गाड़ी गिफ्ट करता है, उस उम्र में अखिलेश अपने पिता की साइकिल छीन रहे हैं।

फरवरी, 2017ः आम बजट

धूम्रपान विरोधी दिवस भारत में बजट पेश होने के दिन मनाना चाहिए। क्योंकि, बीड़ी-सिगरेट की कीमतें हर बजट में बढ़ जाती हैं।

पत्रकार- सर, देश में बेरोजगारी बहुत तेजी से बढ़ रही है।

अरुण जेटली- कोई बात नहीं, हम बेरोजगारी पर भी टैक्स लगा देंगे।

मार्च, 2017ः उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत

मुलायम सिंह यादव- मैंने कहा था कि कांग्रेस से गठबंधन किया तो बुरी तरह हारेंगे..

अखिलेश यादव- हारना तो हमें वैसे भी था, गठबंधन तो इसलिए किया ताकि हार की जिम्मेदारी राहुल गांधी पे डाली जा सके।

एक जमाने में योगी बनने के लिए राजपाट त्यागना पड़ता था और अब राजपाट पाने के लिए योगी बनना पड़ता है।

अप्रैल, 2017ः केंद्र में भाजपा सरकार की तीसरी वर्षगांठ

भाजपा के लोकसभा चुनाव जीतने की तीसरी वर्षगांठ पर नरेंद्र मोदी- मितरों, तीन साल पहले आपने मुझे बनाया था… अब मैं आपको बना रहा हूं।

जब सचिन तेंदुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तो यह बातचीत हुई थीः

सचिन- मेरे कॅरियर में राहुल का अहम योगदान रहा है…

नरेंद्र मोदी- मेरे कॅरियर में भी…

मई, 2017ः आम आदमी पार्टी में कपिल मिश्रा और कुमार विश्वास को लेकर मचा बवाल

आम आदमी पार्टी के भीतर झगड़ा ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन अरविंद और केजरीवाल भी एक दूसरे पर आरोप लगा सकते हैं।

कुमार विश्वास का आम आदमी पार्टी में बने रहना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि पार्टी में ‘विश्वास’ के नाम पर एक वही तो बचे हैं।

जून, 2017ः एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा

दुनिया का सबसे दिलचस्प इस्तीफाः

आदरणीय राष्ट्रपति जी,

बिहार के राज्यपाल पद से मेरा इस्तीफा मंजूर किया जाये। क्योंकि, अब मैं आपके पद के लिए नामांकन भरने जा रहा हूं।
आपका
रामनाथ कोविंद।

लाल कृष्ण आडवाणी जी का राजनीतिक कॅरियर राम ने ही चमकाया था और अब राम (नाथ कोविंद) ने ही खत्म कर दिया।

जुलाई, 2017ः जीएसटी लागू होना, बिहार में महागठबंधन टूटना

जीएसटी का नुकसान समझना है तो गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी का भाषण सुनें और फायदा समझना है तो देश के प्रधानमंत्री मोदी का।

दीवाली पर नोटबंदी और ईद पर जीएसटी लागू करने वाले नरेंद्र मोदी जी के लिए कौन कह सकता है कि वे धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं!

लालू प्रसाद यादव का यह आरोप बिलकुल सही है कि मोदी राज में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और जिन्हें मिला था उनका छीना जा रहा है। भरोसा न हो तो तेजस्वी यादव को ही देख लें।

बिहार में मुख्यमंत्री तो वही हैं, सिर्फ इतना कि सर्विस प्रोवाइडर बदल गया है। इसे ही कहा जाता है- ‘चीफ मिनिस्टर पोर्टेबिलिटी।’

अगस्त, 2017ः गुजरात से राज्यसभा सदस्यों का चुनाव

गुजरात से राज्यसभा के चुनाव का कुल मिलाकर लब्बो-लुआब ये है कि शाह जी की गोली अहमद मियां के कान के पास से गुजरी है।

अगस्त के पहले हफ्ते में भारत का राजनीतिक परिदृश्य-

प्रथम नागरिकः रामनाथ कोविंद
सरकार का प्रमुखः नरेंद्र मोदी
देश का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तिः अहमद पटेल।

सितंबर, 2017ः निर्मला सीतारमण की रक्षामंत्री के पद पर नियुक्ति

कैसे कौन कहता है कि बीते 70 सालों में भारत की महिलाओं ने प्रगति नहीं की। आज ‘विदेश’ और ‘रक्षा’ महिलाएं देख रही हैं, तो वहीं ‘घर’ राजनाथ सिंह संभाल रहे हैं।

निर्मला सीतारमण के रक्षा मंत्री बनने से जुड़ी सबसे डरावनी बात यह रही कि तब से अरुण जेटली पूरी तरह से वित्त मंत्रालय पर ध्यान देंगे।

अक्टूबर, 2017ः भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के मुनाफे पर बवाल

देश को कांग्रेस ने राष्ट्रीय दामाद दिया था और चूंकि भाजपा पार्टी विद ए डिफरेंस है तो उसने राष्ट्रीय पुत्र दिया है।

नवंबर, 2017ः गुजरात में चुनाव प्रचार की गहमा-गहमी

साल दर साल नरेंद्र मोदी के कुछ बयान-

2014ः मैं समूचे भारत को गुजरात जैसा विकसित बना दूंगा।
2015ः बिहार को मैं गुजरात जैसा विकसित बना दूंगा।
2016ः असम को मैं गुजरात जैसा विकसित बना दूंगा।
2017ः (गुजरात में) कांग्रेस ने मुझे गुजरात का विकास ही नहीं करने दिया।

गुजरात चुनाव में ऐसा माहौल हो गया है कि अब इससे जुड़ी खबरें बिना एडल्ट सर्टिफिकेट के नहीं दिखायी जा सकतीं।

दिसंबर, 2017ः गुजरात में भाजपा की जीत और राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना

भाजपा को गुजरातियों ने 150 सीटें ही दी हैं, लेकिन 28 फीसदी का जीएसटी और थोड़ा बहुत सेस काटकर

राष्ट्रपतिः भाजपा का
उपराष्ट्रपतिः भाजपा का
प्रधानमंत्रीः भाजपा का
और तो और अब विपक्षी पार्टी का अध्यक्ष भी भाजपा का (राहुल गांधी) है। कुल मिलाकर इस समय देश के सभी आधिकारिक या अनाधिकारिक शीर्ष पदों पर भाजपा का कब्जा है।

रील लाइफः मेरे पास मां है- शशि कपूर
रियल लाइफः मेरे पास मां है- राहुल गांधी

 

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