लालू यादव की जज से पैरवी मामले में होगी जांच

चारा घोटाले केस में सीबीआई विशेष अदालत के जज को प्रभावित करने की कोशिश का है जिलाधिकारी मन्नान अख्तर पर आरोप

सीबीआई की विशेष अदालत के जज ने लालू यादव से स्पष्ट किया था कि उनके लिए कई काॅल आ रहे हैं। लेकिन, अब काॅल करने वालों की खैर नहीं। जी हां, चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार मामले में सीबीआई के जज को प्रभावित करने के आरोपों की जांच का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आदेश दे दिया है। इस मामले में जालौन के जिलाधिकारी मन्नान अख्तर पर जज शिवपाल सिंह को फोन करने और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सजा घटाने की सिफारिश करने का आरोप है।

उप्र के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने झांसी के कमिश्नर अमित गुप्ता को इन आरोपों की जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर जिलाधिकारी मन्नान अख्तर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मन्नान अख्तर ने कहा है कि उनके फोन पर उनसे कभी बात नहीं हुई। जिस दिन फोन करने की बात की जा रही है, उस दिन मैं छुट्टियों पर असम में था। जलाधिकारी मन्नान अख्तर ने यह भी कहा है कि कोई बिना सबूतों के ऐसे गंभीर आरोप कैसे लगा सकता है? असम मेरा घर है। मैं उत्तर प्रदेश में काम करता हूं और मेरा लालू जी से कोई संबंध नहीं है।

जानकारी के मुताबिक जालौन के एक एसडीएम भैरपाल सिंह पर भी सीबीआई जज को फोन करने और लालू यादव की सजा घटाने की सिफारिश करने का आरोप है। मालूम हो कि चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में दोषियों की सजा पर सुनवाई के दौरान चार फरवरी को सीबीआई विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह ने कहा था कि उन्हें लालू प्रसाद यादव के शुभचिंतकों के फोन आये थे, लेकिन वे कानून की ही सुनेंगे। इस मामले में उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनायी थी।

 

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