मुस्लिम पसर्नल लाॅ बोर्ड के इशारे पर चल रही कांग्रेसः आरीफ

वर्ष 1985 में शाह बानो प्रकरण में तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद में पलटने के खिलाफ राजीव गांधी मंत्रिमंडल से आरीफ मोहम्म्द खान ने दिया था इस्तीफा

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने आरोप लगाया है कि हाल ही में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इशारे पर काम किया है। तीन तलाक को प्रतिबंधित करने वाले बिल को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कहने पर ही कांग्रेस ने राज्यसभा में अवरुद्ध किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1985 में शाह बानो प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद में पलटने के खिलाफ राजीव गांधी मंत्रिमंडल से आरीफ मोहम्म्द खान ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दिया था।

मुस्लिम पर्सनल लॉ में सुधारों के हिमायती आरीफ मोहम्मद खान ने कहा कि राज्यसभा के सदस्य के तौर पर कांग्रेसियों ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल एक संगठन यानी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की जिद पूरी करने के लिए किया। इससे सदन की गरिमा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। राज्यसभा टीवी को दिये एक इंटरव्यू में पूर्व केंद्रीय मंत्री खान ने कहा कि वर्ष 1986 में शाह बानो मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश को पलटने के लिए कानून बनाया गया था और अब उन्होंने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के क्रम में बनाये जा रहे कानून में रुकावट पैदा की है। राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए ऐसा किया जा रहा है। श्री खान ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2017 में तीन साल के सजा के प्रावधान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि सख्त सजा के प्रावधान से ही एक बार में तीन तलाक के आपराधिक कृत्य पर अंकुश लग सकता है।

मालूम हो कि शाहबानो केस में वर्ष 1985 में आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले को राजीव गांधी सरकार ने मुस्लिम महिला (तलाक के अधिकार का संरक्षण) विधेयक-1986 लाकर पलट दिया था। साथ ही तीन तलाक को जायज बताया था। हालांकि जानकार ये आरोप भी लगा रहे हैं कि तब के कांग्रेसी और मौजूदा मोदी सरकार में मंत्री एमजे अकबर ने अपनी दलील और पैरवी से तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पलटवाया था। तीन तलाक के खिलाफ प्रस्तावित मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण 2017) गुरुवार (28 दिसंबर) को एक झटके में लोकसभा में पास हो गया। वैसे, इस बार बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने बिल के पक्ष में लंबी दलीलें दी थीं।

 

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