पूर्वोत्तर में चुनाव के पहले फूटा ‘नेशनल हेराल्ड’ बम

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अब प्रियंका गांधी को भी लिया लपेटे में

भारत के पूर्वोत्तर में तीन राज्यों मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस के डाल पर फिर से ‘नेशनल हेराल्ड’ का बेताल सवार हो गया है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस केस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को भी लपेटे में लिया है। शनिवार को इस मामले से जुड़े आयकर के दस्तावेजों को स्वामी ने कोर्ट में सौंपा। स्वामी का दावा है कि नेशनल हेराल्ड की 2 हजार करोड़ की संपत्ति के अधिग्रहण में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी की भी खास भूमिका रही है।

इस केस की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। कोर्ट ने तब तक सभी दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में रखने का आदेश दिया है। स्वामी ने दावा किया है कि इस केस में सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कथित घोटाले में दोष सिद्ध होता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। इस याचिका में कंपनी को आयकर विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस को चुनौती दी गयी थी।

उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना रखने वाली कंपनी एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड है। कांग्रेस ने वर्ष 2011 में कंपनी को 90 करोड़ का कथित लोन देकर इसकी देनदारियों को अपने पास कर लिया था। बाद में 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई थी। इस कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी तय हुई थी। जबकि 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि यंग इंडिया को एजेएल को खरीदने के लिए कांग्रेस ने असुरक्षित कर्ज दिया था। इस मामले में सोनिया-राहुल के अलावा कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, आॅस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन आरोपी हैं। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में इस केस की सुनवाई चल रही है। इस केस में अगर जल्द फैसला आता है और वह कांग्रेस नेताओं के विरूद्ध रहता है तो हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष बने राहुल गांधी की जनता के बीच सकारात्मक छवि बनाने की कोशिशों को झटका लग सकता है। साथ ही कांग्रेस के अच्छे प्रभाव वाले उत्तर पूर्वी राज्यों मसलन त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में होने वाले चुनाव पर भी इसका असर पड़ सकता है।

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