‘आप’ विधायकों के शत्रु बने वकील ने मांगी सुरक्षा

20 विधायकों की सदस्यता जाने के बाद वकील प्रशांत पटेल ने ट्वीट कर बताया अपनी जान को खतरा

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता लाभ के पद मामले में रद्द कराने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने अपनी जान को खतरा बताया है। गृहमंत्रालय और दिल्ली पुलिस को ट्वीट कर उन्होंने सुरक्षा की मांग की है। उनकी याचिका के कारण ही विधायकों पर चुनाव आयोग की गाज गिरी है। आशंका तो ये भी है कि इस वजह से पार्टी कार्यकर्ता उन्हें निशाना बना सकते हैं।

इधर वकील प्रशांत पटेल के ट्वीट करते ही लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी सुरक्षा की मांग शुरू कर दी। उनके ट्वीट को रिट्वीट करते हुए भाजपा विधायक मनजिंदर एस सिरसा ने भी सुरक्षा देने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अपील की है। मालूम हो कि इससे पहले भी प्रशांत सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ साजिश रचे जाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने जब से विधायकों के खिलाफ याचिका दाखिल की, आरोप है कि आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता उन्हें तरह-तरह से निशाना बनाने के प्रयास में रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि नियम के मुताबिक दिल्ली सरकार में सात मंत्री और एक संसदीय सचिव हो सकता है। मगर, 21 संसदीय सचिवों की आम आदमी पार्टी ने नियुक्ति कर दी। संसदीय सचिव लाभ का पद है। जबकि नियमों की बात करें तो विधायक लाभ का पद नहीं ले सकते हैं। वकील प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति को अर्जी देकर जब विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की तो दिल्ली सरकार ने आनन-फानन में विधानसभा में बिल पास कराया। हालांकि इस बिल पर तत्कालीन उप राज्यपाल ने हस्ताक्षर नहीं किया था।

राष्ट्रपति ने भी बिल को नहीं माना। क्योंकि दिल्ली सरकार को संसदीय सचिव बनाने से पहले संबंधित बिल पास कराना चाहिए। ऐसा करने पर संसदीय सचिव बने विधायकों की सदस्यता मुश्किल में नहीं पड़ती। इस मामले में ढाई साल की सुनवाई के बाद शुक्रवार को चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के सभी 21 विधायकों को अयोग्य करार दे दिया। इन 21 विधायकों में एक विधायक जनरैल सिंह पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए पहले ही दिल्ली से विधानसभा की सदस्यता त्याग चुके हैं।

 

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