सेप्टिक टैंक में दम घुटने से दो मिस्त्री की मौत, एक गंभीर

नव निर्मित मकान के टैंक का सेंट्रिग खोलने के दौरान हुई घटना/ मकान मालिक गंभीर आरोप, हुआ फरार/ ग्रांउड लेवल में कार्बन मोनो ऑक्साइड, अमोनिया, मिथेन व कार्बन डाई ऑक्साइड गैस होते हैं सेटल: एक्सपर्ट

देवघर/संवाददाता। नगर थाना क्षेत्र के विलासी स्थित एक नव निर्मित मकान में काम कर रहे दो मिस्त्री की मौत सोमवार को सेप्टिक टैंक के सेंट्रिग खोलने के दौरान दम घुटने से हो गयी। मृतकों में 37 वर्षीय नंदलाल शर्मा और 35 वर्षीय रघु यादव के नाम शामिल। दोनों जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के घघरा गांव निवासी थे। बताया जाता है कि मकान में दोनों मिस्त्री का काम करता था। सेप्टिक टैंक का सेंट्रिग खोलना था। सैंट्रिग खोलने के लिए पहले रघु यादव गया। टैंक के ऊपर का ढक्कन खोलकर वह जैसे ही नीचे उतरा अंदर छटपटाने लगा। उसकी स्थिति देख नंदलाल उसे निकालने के लिए टैंक के अंदर गया तो वह भी दम घूटने से बेहोश होने लगा। पास में काम कर रहे मजदूरों ने दोनों को किसी तरह रस्सी से बांध कर बाहर निकाला। इस दौरान रस्सी बांधने वाला मजदूर घघरा निवासी अरविंद यादव को भी उल्टी दस्त होने लगी। अन्य मजदूरों ने टेंपो पर लाद कर इलाज के लिये दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं अरविंद यादव को किसी प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मकान मालिक फरार हो गया।

मकान मालिक पर जबरन टैंक में उतारने का आरोप

मृतक के भाई महेंद्र शर्मा ने पुलिस को दिये बयान में कहा है कि उसका भाई विलासी स्थित वेदांग स्कूल के समीप दिलीप झा की साली के रिश्तेदार के नव निर्मित मकान में काम कर रहा था। मकान मालिक ने उसे जबरन डांट फटकार कर सेप्टिक टैंक में उतरने को कहा। जिससे दम घुटने से दोनों की मौत हो गयी। नगर थाना पुलिस उसके फर्द बयान पर मामला दर्ज कर जांच में जुट गयी है। वहीं एक मजदूर को हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है।

सदर अस्पताल बड़ी तादाद में पुलिस जवान तैनात

दोनों की मृत्यु की खबर सुनते ही दोनों के रिश्तेदार और परिवार को जुटता देख स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सदर अस्पताल परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर विनोद कुमार दिन के 12 बजे से शाम के छह बजे तक सदर अस्पताल में उपस्थित रहे। उनके साथ  बैद्यनाथ धाम ओपी प्रभारी राजबल्लभ सिंह, सैट टू के प्रभारी एएसआई प्रमोद कुमार सिंह सदलबल उपस्थित थे। शव के पोस्टमार्टम के बाद ही पुलिस को सदर अस्पताल से हटाया गया।

भारी गैस से होती है दम घुटने की घटना: डॉ तिवारी

शहर के जाने माने फिजिशियन डॉ डी तिवारी ने बताया कि सेप्टिक टैंक और कुएं के अंदर हैवी गैस रहने से इस प्रकार की मौत होती है। उन्होंने बताया कि ग्रांउड लेवल में कार्बन मोनो ऑक्साइड, अमोनिया, मिथेन व कार्बन डाईऑक्साइड  गैस ग्राउंड लेवल में सेटल हो जाते हैं। जिससे दम घुटने लगता है और मौत हो जाती है। उन्होंने बताया की कुंए या सैप्टीक टैंक के अंदर जाने से पूर्व डेवी सेफ्टी लैंप का प्रयोग करना चाहिये। पूर्व में लोग कुंए के अंदर जाने से पूर्व एक रस्सी से बांध कर दीया जलाकर कुंए में डालते थे। यदि दीया जलता रहता था तो समझा जाता था कि कुएं में उतरना खतरे की बात नहीं है। जबकि दीया बुझ जाना जहरीले गैस की निशानी होती।

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