समाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर जानलेवा हमला

बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संयोजक पर हमले की जांच का मुख्यमंत्री ने दिया आदेश / स्वामी के साथ उनका एक सहयोगी भी हुआ हमले में घायल / हिंदू विरोधी और नक्सलवाद के समर्थन में बयान पर अग्निवेश से नाराज थे दक्षिणपंथी संगठन/  पाकुड़ के कार्यक्रम में स्वामी के विरोध में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने दिखाया काला झंडा/ सुनियोजित ढंग से हुआ हमला, हो मामले की जांच : अग्निवेश/ भाजयुमो जिला अध्यक्ष समेत आधा दर्जन लिये गये हिरासत में

पाकुड़/संवाददाता। बंधुआ मुक्ति के लिए देश भर में सक्रिय रूप से काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर मंगलवार को जानलेवा हमला हुआ। हमले में स्वामी के साथ उनके एक सहयोगी बंधुआ मुक्ति मोर्चा के बिहार झारखंड प्रभारी मनोहर मानव भी जख्मी हो गये हैं। सूचना पर फौरन पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों व जवानों ने कार्रवाई कर उन्हें बचाया। हमले में स्वामी अग्निवेश को टखने के अलावा पसलियों में चोटें आयीं हैं। दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में उन्हें एक्सरे के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। इस हमला कांड के विरोध में प्रतिक्रिया आ रही है। स्वामी अग्निवेश ने हमले का आरोप भाजपा की युवा इकाई भाजयुमो और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। क्योंकि, पूर्व में स्वामी के दिये बयान के विरोध में दोनों संगठन के कार्यकर्ता उन्हें काला झंडा दिखाने के लिए बड़ी तादाद में जुटे थे। वैसे, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष प्रसन्न मिश्रा ने कहा है कि संगठन के कार्यकर्ता स्वामी के अहिंसक विरोध में काला झंडा लेकर पहुंचे थे। मिश्रा ने कहा कि स्वामी ने नक्सलियों व पाकिस्तान के समर्थन में बयान देने के साथ सनातन धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा रहा था। विरोध के दौरान ही तीर-धनुष और पारंपरिक हथियार लेकर पहुंचे कुछ लोगों ने स्वामी पर हमला किया था। इधर, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हमले की जांच का आदेश गृह सचिव को दिया है। संताल परगना के आयुक्त और डीआईजी मामले की जांच करेंगे।

इन्हें लिया गया हिरासत में

मामले में पुलिस ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रसन्न मिश्रा समेत आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। उन्हें हिरासत में तब लिया गया, जब वे पुलिस से स्वामी अग्निवेश की शिकायत करने पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष के अलावा आनंद तिवारी, पिंटू मंडल, पार्षद अशोक कुमार, गोपी दुबे, बलराम दुबे, शिव कुमार साहा और बादल मंडल को हिरासत में लिया गया है।

पहाड़िया महासभा के कार्यक्रम में पहुंचे थे अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश लिट्टीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित विजय मांझी स्टेडियम में हिल एसेम्बली पहाड़िया महासभा के 195 दामिन दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान शहर के एक होटल के सामने अचानक उनपर हमला हुआ। इसी दौरान सूचना पर फौरन एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह, नगर थाना प्रभारी शिवशंकर तिवारी, मुफस्सिल थाना प्रभारी संतोष कुमार, हिरणपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी विमल सिंह के अलावा जिला दंडाधिकारी महेंद्र मांझी, बीडीओ रौशन कुमार साहा पुलिस बल के साथ पहुंचे और कार्रवाई की।

स्वामी अग्निवेष से मिले एसपी बर्णवाल

स्वामी अग्निवेष के घायल होने की खबर पर एसपी शैलेंद्र प्रसाद बर्णवाल ने उनसे मिलकर घटना की जानकारी ली। स्वामी ने बताया कि लिट्टीपाड़ा में कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पूर्व उन्होंने पत्रकारों से वार्ता की। इसके बाद भोजन कर बाहर निकल रहे थे तभी होटल के सामने विरोध कर रहे भाजयुमो और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित ढंग से उनपर हमला कर दिया। उन्हंे जमीन पर गिराया और बुरी तरह पीटा। उधर एसपी बर्णवाल ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जायेगी।

कार्यक्रम की नहीं मिली पूर्व सूचना : प्रशासन

एसपी ने कहा कि कार्यक्रम की सूचना ना पुलिस को दी गयी और ना जिला प्रशासन को। इसलिए सूचना के बिना प्रशासन पूर्व तैयारी नहीं कर सका। जबकि लिट्टीपाड़ा के पूर्व जिप सदस्य व हिल एसेम्बली पहाड़िया महासभा के शिव चरण मालतो ने कहा कि प्रशासन को दो बार लिखित सूचना दी गयी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से महासभा का शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम होता आया है। इस बार लिट्टीपाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता स्वामी अग्निवेश बनाये गये। स्वामी हिस्सा लेने जा रहे थे तभी उनपर हमला हुआ। मालतो ने कहा कि यह हमला स्वामी पर नहीं पहाड़िया समुदाय पर है। इसका विरोध होगा। स्वामी अग्निवेश ने कहा कि वे आदिवासियों के हक मंे आवाज उठाते रहे हैं। इसी कारण उनपर हमला हुआ। घटना के समय पुलिस नजर नहीं आयी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सूचना पूर्व में भी दे दी गयी थी। इसके बावजूद सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होना साजिश है। सरकार मामले की जांच करवा कर अविलंंब दोषियों को गिरफ्तार करे। स्वामी ने कहा कि मामले की सूचना मुख्य सचिव को दी गयी है।

धर्मपरिवर्तन का है सभी को अधिकार : स्वामी

पत्रकारों से बातचीत में स्वामी अग्निवेश ने कहा कि 5 वीं अनसूची में राज्यपाल को कई अधिकार हैं। मगर, 70 सालों में एक भी राज्यपाल ने अपने अधिकारों का पालन नहीं किया है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध किया। कहा कि सरकार उल्टा कानून थोप रही है। विपक्षी दलों के विरोध को दरकिनार किया जा रहा है। राज्यपाल को इस पर हस्तक्षेप करना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोग सबसे ज्यादा बंधुआ मजदूर बनाये जा रहे हैं। मनरेगा योजना हो या फिर ठेका मजदूरी का सवाल, सभी में मजदूरी काफी कम दी जा रही है। इस बाबत उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश को पत्र लिखा था और पहला जनहित याचिका स्वीकार किया गया था। स्वामी अग्निवेष ने कहा कि पेसा एक्ट सही तरीके से लागू नहीं करने के विरोध में झारखंड, ओडिसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में पथलगढ़ी आंदोलन जारी है। सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए आंदोलन को कुचलने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्मपरिवर्तन करने का अधिकार सभी को है।

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