35 दिन की बेटी को पिता ने गला घोंट कर मार डाला

बेटे की चाहत में बेरहम पिता नहीं कर सका दुधमुंही बच्ची को बर्दाश्त / ‘अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो’ का अरमान लेकर दुनिया को अलविदा कह गयी मासूम

देवघर/ संवाददाता। अपने ही पिता के हाथों मार डाली गयी एक बच्ची ‘अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो’ का अरमान अपने साथ लिये इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गयी। बेटे की चाहत पालने वाले पिता से यह बच्ची बर्दाश्त नहीं की जा सकी। अपनी ही दुधमुंही बेटी को उसने बेरहमी से गला घोंट कर मार डाला। उसने अपनी 35 दिन की बच्ची को बीती रात उठाया और गला घोंट कर खाट पर पटक दिया। तब बच्ची की मां लक्खी देवी गहरी नींद में थी। सुबह जब लक्खी ने बच्ची को गोद में उठाया तो बच्ची की सांस रुकी हुई थी। उसका पूरा शरीर अकड़ चुका था। अपने कलेजे के टुकड़े की मौत पर लक्खी दहाड़े मारकर रोने लगी। बाद में खबर पाकर लोग जुटे और बच्ची की हत्या कर फरार हो चुके बेरहम पिता को खूब कोसा। उधर पति पर बच्ची की हत्या का आरोप लक्खी देवी ने लगाया है। जुटे लोगों ने कहा कि पिता ने बेटी की हत्या कर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारे को देवघर में ठेंगा दिखाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। घटना नगर थाना क्षेत्र के ऊपर सिंघवा बस्ती की है।

बांका के चांदन का निवासी है आरोपी पिता

ऊपर सिंघवा बस्ती के सुरेश पंडित ने अपनी बेटी 20 वर्षीय लक्खी देवी की शादी 12 जुलाई 2016 को बांका जिले के चांदन थाना क्षेत्र के सुपहा निवासी प्रसादी पंडित से धूम-धाम से की थी। शादी के दो साल बाद उसकी गोद में एक प्यारी सी बेटी आयी थी। लेकिन प्रसादी को बेटी पैदा करना नागवार लग रहा था। मौका पाकर गुरुवार की रात को प्रसादी ने अपनी 35 दिन की बेटी का गला घोंट दिया। हत्या के बाद वह रात में ही फरार हो गया। बच्ची की मृत्यु के बाद उसकी मां का रो-रो कर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही नगर थाना के एएसआई श्रीकांत वाजपेयी सदलबल घटना स्थल पर पहुंचे और पूछताछ की। साथ ही बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

पति के खिलाफ दर्ज कराया मामला

बच्ची की हत्या मामले में लक्खी देवी के बयान पर नगर थाना में मामला दर्ज हुआ है। बयान में उसने कहा है कि गर्भावस्था में पति ने चांदन अस्पताल में उसे भर्ती कराया था। वहां से उसे रेफर कर दिया गया। देवघर स्थित सदर अस्पताल में उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद से ही पति कहा करता कि तुमने बच्ची को क्यों जन्म दिया। गुरुवार को पति सिंघवा पहुंचा। रात को उसने बच्ची को गोद में लिया और जोर से गला दबाकर खाट पर पटक दिया। तब वह सो रही थी। सुबह जब उसने बच्ची को उठाने की कोशिश की तो पाया कि उसका शरीर कड़ा हो गया है। इधर नगर थाना पुलिस मामला दर्ज कर पड़ताल में जुट गयी है।

बोर्ड बनाकर किया गया पोस्टमार्टम

सदर अस्पताल में सीएस ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों का बोर्ड बना कर मासूम बच्ची का पोस्टमार्टम करवाया। बोर्ड में डॉ रंजन सिन्हा, डॉ कुंदन, डॉ सीके शाही शामिल थे।

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