मोड़े मांझी ने 8 हत्यारोपियों पर लगाया साढ़े सात लाख का जुर्माना

8 हत्यारोपियों में 7 को कब्जे में लेकर शुरु हुई आदिवासियों की पंचायत तीसरे दिन भी जारी/ आदिवासियों की पंचायत ने 5 को करार दिया हत्या और 3 को मामला दबाने का दोषी/ 500 मीटर दूरी पर पुलिस कर रही कैंप, डीएसपी नहीं कर पाये वार्ता/ पुलिस ने दर्ज किया था यूडी केस, पुलिस की भूमिका से नाराज रहे ग्रामीण

गोपीकांदर (दुमका)। पुलिस ने मौत के जिस फाईल को यूडी केस दर्ज कर बंद कर दिया था, सभापति सुनील हांसदा, उपसभापति पवन हांसदा, सचिव जोसेफ हांसदा और जार्ज लुईस हेम्ब्रम की अध्यक्षता में 186 ग्राम प्रधानों ने मोड़े मांझी की बैठक कर खून से सने मृतक के कपड़ों को आरोपियों के घर से बरामद कर उसे हत्या का मामला करार दिया है। महेंद्र हांसदा (32 वर्ष) के हत्या के मामले में मोड़े मांझी की बैठक में 5 लोगों को हत्या और 3 लोगों साक्ष्य को छुपाने का दोषी करार देते हुए सभी पर अलग-अलग जुर्माना लगाया है। आठों आरोपियों पर 7 लाख 60 हजार जुर्माना लगाया गया है। चार आरोपी पिछले 48 घंटे से ग्रामीणों के कब्जे में हैं, जबकि हत्या के पांचवें आरोपी और साक्ष्य छुपाने के दो आरोपियों व उनके परिवार को सोमवार को घर से लाकर मोड़े मांझी के सामाने प्रस्तुत किया गया है। ज्योतिष बास्की नामक आठवें आरोपी के अबतक बैठक में नहीं आने और जुर्माना की राशि नहीं दिये जाने के कारण सोमवार की रात तक बैठक जारी थी। गोपीकांदर थाना क्षेत्र के कुरुम्बा गांव में तीन दिनांे से चल रही इस मोड़े मांझी की बैठक में युवक की पहली पत्नी समेत 8 लोगों को दोषी करार दिया गया है। इनमें 5 लोगों-नीरज मरांडी, लुखिराम किस्कू, शिवलाल हेम्ब्रम, कलम हेम्ब्रम और हेमामुनि हेम्ब्रम को हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया है। जबकि लूसी पत्रास हांसदा, ग्राम प्रधान बाहा टुडू और ज्योतिष बास्की को हत्या मामले को दबाने का दोषी ठहराया गया है। मोड़े मांझी की बैठक में माना गया है कि पहली पत्नी हेमामुनि हेम्ब्रम के इशारे पर ही महेश हांसदा की हत्या की गयी थी।

पुलिस अफसरों की कोशिश को नहीं मिली कामयाबी

सोमवार को डीएसपी पूज्य प्रकाश और और काठीकुंड इंस्पेक्टर कुरुम्बा गांव पहुंचे। कोशिश के बाद भी डीएसपी और बैठक कर रहे सभापति व अन्य सदस्यों की बीच वार्ता नहीं हो पायी। दंडाधिकारी संग भारी संख्या में पुलिस बल मोड़े मांझी बैठक स्थल से 500 मीटर की दूरी पर कैंप किये हुए हैं। बताया जाता है कि आरोपी शिवलाल हेम्ब्रम ने 70, लुखीराम हांसदा ने 58 हजार और पुरखा चरण ने 55 हजार रुपया पंचायत को दे दिया, लेकिन अभी तक उन्हें रिहा नहीं किया गया।

आरोपी कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष नहीं पहुंचे बैठक में

मोड़े मांझी ने हत्याकांड में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ज्योतिष बास्की को भी शामिल बताकर बुलवाया। लेकिन वे बैठक में नहीं आये। प्रधानों ने थानेदार को आवेदन देकर उसे बैठक में हाजिर करने का अनुरोध किया है। उसके देर रात तक नहीं पहुंचने पर बैठक मंगलवार तक बढ़ सकती है। एसपी किशोर कौशल ने सोमवार को गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीपीओ पूज्य प्रकाश, एसडीओ राकेश कुमार, बीडीओ अमित कुमार, थानेदार रंजीत मिंज, काठीकुंड थानेदार फरीद आलम और पुलिस निरीक्षक विवेकानंद पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

मोड़े मांझी को है संथाली परंपरा में हाई कोर्ट का दर्जा

संथालों की परंपरा में मोड़े मांझी को हाईकोर्ट का दर्जा प्राप्त है। यह एक प्रकार की पंचायत है। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम प्रधान और ग्रामीण मिलकर किसी मामले में अपना फैसला सुनाते हैं। आमतौर पर मोड़े मांझी की बैठक में जमीन संबंधी विवादों को सुलझाया जाता है या फिर अवैध संबंध के मामलों में निर्णय सुनाया जाता है। ऐसा पहली बार हुआ है जब मोड़े मांझी ने पुलिस का काम करते हुए हत्या के आरोपियों को पकड़ा है और उन्हें सजा सुनायी है। हालांकि यह सजा केवल जुर्माना तक सीमित है। जबकि भादवि की धारा 302 के तहत फांसी या आजीवन सश्रम कारवास और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

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