बंद मकान से बरामद लाशों से ‘हत्या की गंध’

मिहिजाम का ट्रीपल डेथ केस दूसरे दिन भी बना रहा अनसुलझा रहस्य/ तफ्तीश में जुटी पुलिस, बंद मकान के बिखरे सामानों की हुई जांच

जामताड़ा/संवाददाता। मिहिजाम के हिल रोड फाटक नंबर टू के बंद पड़े मकान से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की लाश मिलने के 24 घंटे बाद भी मामला अनसुझा रहस्य बना हुआ है। हालांकि बंद मकान और बिखरे सामानों के अलावा शवों पर चोट के निशान हत्या का संकेत दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर अनुसंधान में जुटी है। साथ ही बंद मकान के सामानों की पुलिस जांच कर रही है। सभी लाशें कदर सड़ चुकी हैं। प्रतीत होता है कि एक हफ्ते पहले ही हत्या कर लाश को वहां छोड़ मकान बंद कर दिया गया है।

पुलिस अफसर के आवेदन पर हुआ मामला दर्ज

उल्लेखनीय है कि बुधवार देर शाम एक ही परिवार के तीन सदस्यों की लाश पुलिस ने बंद घर से बरामद की थी। लाश की पहचान 70 वर्षीया वीणा लाल, पति स्व मोहनलाल, 40 वर्षीय पन्नालाल पिता स्व मोहनलाल व 37 वर्षीय बंटी लाल पिता स्व मोहनलाल के रूप में हुई। पुलिस निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह के लिखित आवेदन पर मिहिजाम थाना कांड संख्या 92/2018 भादवि की धारा 302/201 के तहत दर्ज कर अनुसंधान जारी है। मृतकों के इस मकान के अंदर सभी खिड़कियां और दरवाजे खुले हुए थे। मकान के अंदर रसोई घर में आधा खाना सबों की थालियों में छोड़ा हुआ मिला। इसके अतिरिक्त खून के धब्बे और वीणा लाल के माथे पर गहरे जख्म के निशान पाये गये। जबकि दोनों भाई बहन पन्नालाल व बंटी लाल के कपड़े अस्त व्यस्त दिख रहे हैं।

प्रथम दृष्टया हत्या मान रही है पुलिस

पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आपसी रंजिश में हत्या मान रही है। पुलिस के मुताबिक वीणालाल के पुत्र पन्नालाल व पुत्री बंटीलाल को मानसिक अस्वस्थता के कारण चिकित्सकों की सलाह पर दवा का सेवन करना पड़ता था। मुहल्ले के लोगों के साथ घर तक आने जाने का रिश्ता नहीं रहने के कारण कमरे से किसी को नहीं निकलते देख किसी ने हाल-चाल जानने की कोशिश नहीं की। पुलिस मामले की जांच तो कर रही है।, लेकिन कोई औजार, लाठी-डंडा या नुकीले लोहे की रड या हथौड़ा नहीं मिलने से पुलिस को मर्डर वैपन की तलाश है। इसके मिलने पर ही पुलिसिया जांच आगे बढ़ सकेगी।

खबर पर पहुंची मृतका की बड़ी बेटी

वीणा देवी की बड़ी पुत्री अनितालाल अपने पति के साथ घटना स्थल पर आयी। लेकिन, उसने मां व भाई-बहन का शव लेने से इंकार कर दिया। ज्ञात हो कि वीणा लाल के पुत्र पन्नालाल की दो शादियां हुई थी, लेकिन दोनों पत्नियों ने बारी-बारी से पन्नालाल का साथ छोड़ दिया था। हालांकि पन्नालाल की मानसिक स्थिति बहन बंटी से अच्छी थी। इधर, अभी तक लाश का पोस्टमार्टम तक नहीं हो पाया है। सिविल सर्जन डॉ बीके साहा का कहना है कि उस तरह का उपकरण यहां पर नहीं है, जिससे आठ दिनों के आस-पास की सड़ी लाश का पोस्टमार्टम हो सके। चिकित्सकों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया है।

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