दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने वाले को फांसी

1 जनवरी 2017 को चाकलेट का लालच देकर बच्ची को ले गया था आरोपी/ दुष्कर्म के बाद गला दबाकर की थी हत्या, अरहर के खेत में मिली थी लाश/ 16 दिनों के अंदर दुमका में मिली तीसरे दोष सिद्ध अपराधी को फांसी की सजा

दुमका/निज संवाददाता। दुष्कर्म के बाद बच्ची की गला दबा कर हत्या करने के दोषी सरैयाहाट निवासी 25 वर्षीय रोहित राय नामक युवक को इस जघन्यतम अपराध के लिए गुरुवार को फांसी की सजा सुनायी गयी है। दुमका के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल नयन पांडेय की अदालत ने सजा सुनाई। मामला 1 जनवरी 2017 का है। सहायक लोक अभियोजक दिनेश कुमार ओझा ने बताया कि कोर्ट ने तीन साल की बच्ची को अगवा कर उससे दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किये जाने को रेयरेस्ट ऑफ दि रेयर अपराध मानते हुए राहित राय को भादवि की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनायी है।

अदालत ने कौन सी सजा मुकर्रर की

कोर्ट ने भादवि की धारा 364, 376 और 201 के तहत उसे आजीवन कारावास और 7 साल कैद की सजा सुनायी है। कुल मिलाकर 25000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनायी है। इसके अलावा 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। भादवि की धारा 364 में उसे आजीवन कारावास की सजा और 5000 रुपये का जुर्माना की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं देने पर 3-3 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। भादवि की धारा 376 के तहत उसे आजीवन कारवास की सजा सुनायी है और 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। पोस्को एक्ट की धारा 4 के तहत उसे आजीवन कारावास के साथ 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर 3-3 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। भादवि की धारा 201 के तहत उसे 7 वर्ष की सजा और 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारवास भुगतना होगा। सहायक लोक अभियोजक ने बताया कि 11 गवाहों के बयान, पुलिस के अनुसंधान रिपोर्ट व मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने उसे सिद्धदोष पाते हुए सजाएं सुनायी हैं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अब फांसी की सजा को कंन्फरमेशन के लिए हाईकोर्ट भेजा जायेगा।

दूसरी बार दुमका में फंसी की सजा

ऐसा दूसरी बार हुआ है जब दुमका कोर्ट ने फांसी की सजा सुनायी है। इससे पहले 26 सितंबर 2018 को दुमका के ही चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की विशेष अदालत ने तत्कालीन पाकुड़ एसपी अमरजीत बालिहार के अलावा 5 पुलिस कर्मियों की हत्या मामले में प्रवीर दा, उर्फ प्रवील दा उर्फ सुखलाल मुर्मू और सनातन बास्की उर्फ ताला दा को फांसी की सजा सुनाई थी। इधर दुष्कर्म व हत्या मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता सिकंदर मंडल ने कहा कि कोर्ट से फांसी की सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में जल्द ही अपील फाईल की जायेगी।

बौंसी के बाराहाट से हुआ था गिरफ्तार रोहित

दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड के जाबीजोर गांव के युवक रोहित राय ने 1 जनवरी 2017 को 3 वर्षीय बच्ची को चॉकलेट के बहाने घर से ले गया था और दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला दबा कर हत्या कर दी थी। सरैयाहाट के तत्कालीन थाना प्रभारी महेश प्रसाद सिंह ने 3 जनवरी 2017 को रोहित को बिहार के बौंसी के बाराहाट स्थित श्याम बाजार से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 03 जनवरी की देर शाम गांव के समीप अरहर के एक खेत से बच्ची का शव बरामद किया था। पुलिस ने नाना रूपलाल तांती के बयान पर दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कर उसे 4 जनवरी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। पुलिस ने रेप और मर्डर के आरोपी को ग्रामीणों का कोपभाजन बनने से भी बचाया था। ग्रामीण उसकी पीट-पीट कर हत्या करने पर उतारू थे।

नाना के घर में रहती थी बच्ची

पुलिस के मुताबिक जाबीजोर गांव के रूपलाल तांती ने अपनी बेटी की शादी बौंसी के बाराहाट निवासी अंजन मंडल के साथ की थी। शादी के बाद दामाद रोजगार के लिए दिल्ली चला गया और वहीं रहने लगा। बाद में पत्नी भी अपनी बेटी को नाना के घर छोड़कर पति के पास दिल्ली चली गई। 2015 से बच्ची अपने नाना के घर में ही रह रही थी। 01 जनवरी 2017 की शाम परिवार के लोग बच्ची को घर में छोड़कर सरैयाहाट गये हुए थे। इसी दौरान गांव का रोहित राय घर आया और चॉकलेट दिलाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। देर शाम घर वाले वापस लौटे तो बच्ची को घर में न पाकर घर के आसपास उसकी खोजबीन की पर वह नहीं मिली। इसी दौरान दोस्तों ने घरवालों को बताया कि उन्होंने रोहित को बच्ची को गोद में ले जाते देखा है। खोजबीन करने पर रोहित भी घर से गायब पाया गया। 02 जनवरी की सुबह बच्ची के नाना ने थाना जाकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। थानेदार महेश प्रसाद सिंह ने आरोपी की तलाश में पहले उसके घर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। 03 जनवरी को मिली सूचना पर थानेदार ने बाराहाट से उसे गिरफ्तार किया था।

 

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