मानव तस्करों का जुल्म नहीं सह पायी पहाड़िया बच्ची, मौत

शव पहुंचा गोड्डा, प्रशासन ने कराया अंतिम संस्कार / एसडीओ ने पीड़ित परिवार को दी सहायता राशि, इंदिरा आवास व पीड़िता के मां बाप को वृद्घा पेंषन देने का आश्वासन

गोड्डा/नगर संवाददाता। मानव तस्करों के चंगूल में आकर दिल्ली में बेच दी गयी गोड्डा की नाबालिग लड़की से शरीर पर जुल्म के गहरे निशान और घाव आखिरकार बर्दाश्त नहीं हुआ और इलाज के दौरान रांची के रिम्स में उसने दम तोड़ दी। दिल्ली में उसकी जिंदगी मवाद बन गयी थी। जिसे रेस्क्यू कर वहां से लाया गया था। मौत के बाद गुरुवार को उसका शव उसके गांव लाया गया और परिजनों को सौंपा गया। परिजन पूर्व से ही इसका इंतजार कर रहे थे। इस दौरान महागामा अनुमंडल पदाधिकारी बंका राम मौजूद थे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपया सहायता के बतौर प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जतायी। कहा कि इस कुकर्म के पीछे जो हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पीड़िता के मां-बाप को वृद्घा पेंशन, इंदिरा आवास दिलवाने की भी बात कही। साथ ही प्रखंड स्तर के एक पदाधिकारी को पूरे परिवार को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका ख्याल रखने का निर्देश दिया। मृतका के शव को एक ताबूत में बंद कर मिट्टी में दफन किया गया। इस दौरान बीडीओ राजीव कुमार के अलावा प्रधान एलेकजेंडर मालतो सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

दिल्ली के एक परिवार ने कर रखा था कैद

मालूम हो कि नाबालिग पहाड़िया बच्ची को दिल्ली के एक परिवार ने कैद कर रखा था। वहां उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया। जुल्म ढाये गये। 25 सितंबर को झारखंड बाल संरक्षण आयोग ने 16 बच्चों को मुक्त कराया था, जिनमें से दो गोड्डा की थी। उसी में एक नाबालिग पहाड़िया बच्ची भी शामिल थी। उसे दिल्ली से मुक्त कराने के बाद पहले गोड्डा भेजा गया था, जहां उसकी हालत बिगड़ी देख रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था।

कई बीमारियों की शिकार थी बच्ची

उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि पीड़िता कई बीमारियों से पीड़ित थी। उसे लगातार झटके भी आ रहे थे। डॉक्टरों ने उसका सिटी स्कैन भी कराया था। लेकिन झटके आने का सही कारण पता नहीं चला। वह टीबी से भी पीड़ित थी। इतना ही नही जहां पीड़िता रह रही थी वह परिवार इतना बेरहम था कि नाबालिग के मुंह में क्लिप लगा दिया था। ताकि वह कुछ बोल न सके। नाबालिग लड़की की जीभ में पिन लगाने से उसे गहरा जख्म था। झटका आने के बाद जीभ कट कर बाहर आ गई थी। उसने पुलिस को दिए बयान में सिमडेगा की मानव तस्कर प्रभा मुनि के काले कारनामों का भी खुलासा किया था। बताया था कि किस तरह उसे दिल्ली में ले जाकर बेचा गया था और कैसे प्रताड़ित किया गया था। यह भी बताया था कि तीन वर्ष पूर्व कुसुमघाटी का ही सुरेंद्र मालतो उसे नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली ले गया था। जिसके बाद उसकी कोई खोज खबर नहीं आयी। लेकिन तीन साल बाद वह 15 दिन के लिए जरूर लौटी, लेकिन बुधवार को परिवार को उसकी मौत की खबर आयी।

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