‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक कोरिडोर’ पाक के लिए बनेगा आफत

खुद पाक के पूर्व राजनयिक ने जतायी आशंका, आतंकियों को समर्थन पर भी चेताया

पाकिस्तान के एक पूर्व नाजनयिक ने कहा है कि ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक कोरिडोर’ परियोजना पाक के लिए भारी आफत साबित होगी। इससे पाकिस्तान पर बोझ बढ़ेगा। अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हुसैन हक्कानी ने यह बात डीडब्ल्यू समाचार सेवा से बातचीत में कही है। उनका कहना है कि आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान को अमेरिका की बात ना मानने पर गंभीर नतीजे झेलने होंगे।

हुसैन हक्कानी ने कहा कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद से अपने बहुत सारे सैनिकों और आम लोगों को खोया है। ये बदकिस्मती है। लेकिन, यह पाकिस्तान की ही गलत नीतियों का नतीजा था। पाक कुछ आतंकवादियों से लड़ भी रहा है तो दूसरी ओर कुछ आतंकियों को समर्थन भी दे रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को एक और आखिरी मौका दे रहा है। ताकि वह अफगानिस्तान पर अपनी नीति अमेरिकी नीति के अनुरूप करे। अगर पाकिस्तान अफगानी तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लिए अपना समर्थन जारी रखता है तो पाकिस्तान को बुरे नतीजे झेलने होंगे।

हुसैन के मुताबिक पाकिस्तान और अमेरिका दोनों देशों में दूरी बढ़ी है। इस दूरी को मिटाने के लिए पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद सभी जिहादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। खास कर उन पर भी जो भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ हमले करते हैं। सो, पाकिस्तान लगातार अलग थलग पड़ रहा है। चीन और रूस के साथ रिश्ते मजबूत करने से उसका यह अलगाव दूर नहीं होगा। पाकिस्तान को जिहादियों की सुरक्षित पनाहगाहें खत्म करनी होंगी। यह उसके खुद के अस्तित्व के लिए भी जरूरी है।

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