सियासत में अविवाहित नेताओं की तरक्की तेज

मर्द और औरत की सफलता में पत्नी या पति के योगदान को नकारते हुए आगे बढ़े हैं ये नेता

कहते हैं कि पुरूष की सफलता में औरत का योगदान अहम होता है। ऐसे ही महिला की कामयाबी में मर्द की भूमिका के भी कई किस्से हैं। मगर, मौजूदा सियासत में कई दिग्गज नेताओं ने ऐसी धारणा को पलट कर रख दिया है। आईये आपको कुुछ ऐसे ही नेताओं से मिलाते हैं।

किसी राज्य की राजनीति में शामिल नेताओं का आखिरी लक्ष्य मुख्यमंत्री बनना होता है। ऐसे में अविवाहित नेता योगी आदित्यनाथ की चर्चा जरूरी है। 45 साल के योगी आदित्यनाथ लगातार पांच बार सांसद रहे हैं। अब वे अपने राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री हैं। हालांकि देश में पहले से ही कई राज्यों में अविवाहित मुख्यमंत्रियों की लंबी फेहरिस्त है। 62 साल के एमएल खट्टर भी ऐसे ही नेता हैं। वे हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं और उत्तराखंड सरकार के नये प्रमुख की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक रहे हैं। आरएसएस के वर्तमान प्रमुख मोहन भागवत भी अविवाहित हैं।

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के 54 साल के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी अविवाहित हैं। वर्ष 2011 में भाजपा के सदस्य बने और 2016 में सीएम बनाये जाने से पहले सोनोवाल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में खेल और युवा मामलों के मंत्री भी रहे। उधर, बीजू जनता दल के प्रमुख और वर्ष 2000 से राज्य के मुख्यमंत्री रहे 70 साल के नवीन पटनायक हमेशा से अपने वोटरों को कहते आये हैं कि उन्होंने शादी नहीं की और उनके बच्चे नहीं हैं। सो वे अपने राज्य में कांग्रेस की तरह कभी परिवारवाद नहीं चलाएंगे। उनसे पहले उनके पिता बीजू पटनायक दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।

इसी तरह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अविवाहित हैं। वे गैर भाजपा मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं। वर्ष 2011 में 33 सालों से जारी वामपंथी शासन को समाप्त कर वे सत्ता में आयीं। 62 वर्षीया बनर्जी का कहना है कि वे केवल अपने राज्य के बारे में सोचती हैं, इसीलिए उन्हें अपनी शादी के बारे में सोचने का समय नहीं मिला। इसके अलावा कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भी अविवाहित रहे हैं। 61 साल की मायावती प्रभु दास चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। मायावती अपनी चुनावी रैलियों में कहती आई हैं कि नीचली जाति की हैं। जनता की सेवा में अविवाहित हैं। स्वर्गीय जे जयललिता पांच बार दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं और अविवाहित रहते हुए उनका देहांत हुआ था।

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