गुजरात के सियासी समर से दूर ‘भगवा योद्धा’ आडवाणी

किताबों में गुजर रहा गुजरात की एक सीट से दो दशक तक सांसद रहे एलके आडवाणी का वक्त

पूरी भाजपा को कभी एक रथ पर बैठा कर एक मुकाम तक लाने वाले पार्टी के तत्कालीन सबसे जुझारू चेहरे और ‘भगवा योद्धा’ लालकृृष्ण आडवाणी आज अकेेले हैं। गुजरात के चुनावी समर से इस योद्धा को दूर रखा गया है। चुनावी प्रचार में उन्हें पार्टी आलाकमान ने आमंत्रण नहीं दिया है। जबकि इसी गुजरात की गांधीनगर सीट से करीब दो दशक से वे सांसद रहे हैं। यह पहला मौका है जब उनके पास चुुनाव में कोई काम नहीं है। जाहिर है इसके लिए उनमें बेचैनी होगी। मगर, इस बेचैनी को वे किताबों में डूब कर और बेटी संग यात्राएं कर दबाये हुए हैं।

यही वजह है कि इस महीने आठ नवंबर को 90 वर्ष के हुए वरिष्ठ नेता से जब गुजरात की राजनीति पर पूछा गया तो वे इस मुद्दे पर चुप रहे। ये अलग बात है कि उनकी खामोशी बहुत कुुछ कह रही थी। मगर, उस खामोशी को बयां करना उनका अपमान होगा। आलम ये है कि गुजरात की राजनीति में क्या कुछ हो रहा है उन्हें जानकारी नहीं है। इससे पहले आडवाणी के जन्मदिन पर उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने बधाई दी थी।

90वें जन्मदिन पर आडवाणी अपनी बेटी प्रतिभा आडवाणी संग अपने घर पर मेहमानों का स्वागत करते रहे। धोती, कुर्ता और जैकेट पहने आडवाणी मेहमानों से नाश्ता करने के लिए कह रहे थे। क्या वो गुजरात में चुनाव प्रचार करने जाएंगे? पूछने पर उनकी जगह प्रतिभा ने कहा था कि नहीं, हम इसी दुनिया में खुश हैं। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी की आंखें खुद पर केंद्रित थी।

‘भगवा योद्धा’ आडवानी का पिछला कुछ समय किताबों और अपनी बेटी के साथ यात्राओं में गुजर रहा है। फिलहाल वे पंकज मिश्रा की लिखी किताब एज ऑफ एंगर पढ़ रहे हैं। सितंबर में छुट्टी मनाने वे हांग कांग गए थे। आज भाजपा 11 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, मगर दूसरी ओर ‘भगवा योद्धा’ के प्रशंसक भाजपा के इस मुकाम तक पहुंचने में आडवाणी के योगदान को बड़ा श्रेय दे रहे हैं। पार्टी को आडवाणी ने सींचा था।

जन्मदिन की बधाई देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आडवाणी के आवास 30 पृथ्वीराज रोड पर सबसे पहले पहुंचने वालों में थे। फिर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, अनंत कुमार, हरदीप पुरी, जयंत सिन्हा और विजय गोयल ने उनके आवास पहुंचकर उन्हें बधाई दी थी। आडवाणी को जन्मदिन की शुभककामनाएं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शाम को थोड़ी देर के लिए उनसे मिले थे। पीएम मोदी ने ट्विटर पर भी आडवाणी को बधाई दी थी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता कमल नाथ, कर्ण सिंह, शरद यादव, जय पंडा, राजीव शुक्ला और अमर सिंह ने उनके आवास पर पहुंचकर आडवाणी को बधाई दी थी।

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