गुजरातः मोदी युग के एक आइएएस भाजपा के खिलाफ

कांग्रेस में शामिल होकर भाजपा के खिलाफ रणनीति बनाने में जुटे हैं कुलदीप शर्मा

अहमदाबाद। गुजरात में मोदी युग के वक्त राज्य के आइएएस रहे कुलदीप शर्मा तब भी मोदी के आलोचक थे और आज भी हैं। अपने ही राज्य के मुख्यमंत्री की आलोचना की वजह से वे चर्चे में रहे थे। मगर, अब वे गुजरात में कांग्रेस की चुनावी रणनीति बनाने वाली टाीमों में एक टीम के अगुवा बनकर चर्चे में आये हैं। मालूम हो कि विधान सभा चुनाव के पहले चरण में अब चार दिन बाकी है। लिहाजा, सभी राजनीतिक दलों ने एड़ी चोटी एक कर दी है। ऐसे में सेवानिवृति के दो साल बाद ही कांग्रेस में शामिल हुए कुलदीप शर्मा भाजपा को बोल्ड करने के लिए फिल्डिंग सजा रहे हैं।

गुजरात में चुनाव प्रचार अंतिम दौर में होने की वजह से सभी सियासी दल अपने-अपने हिसाब से सर्वे भी करा रहे हैं। कांग्रेस ने भी इसे लेकर एक छोटी सी टीम अहमदाबाद में बैठा रखी है। इस टीम का नेतृत्व पूर्व आईपीएस अफसर कुलदीप शर्मा कर रहे हैं। शर्मा जब सेवा में थे और नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब भी कुलदीप शर्मा उनकी आलोचना करते रहे थे। अभी, अहमदाबाद के पालदी रोड पर स्थित राजीव गांधी भवन के तीसरे तल पर कुलदीप शर्मा एक लो प्रोफाइल टीम के साथ कांग्रेस के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं।

भाजपा के खिलाफ रणनीति बनाने में आंकड़े जुटाकर कुलदीप शर्मा के साथ जुटी टीम मदद करती है। शर्मा के लिए गुजरात कांग्रेस की चीफ इलेक्शन कॉर्डिनेशन कमेटी भी ग्राउंड रिपोर्ट और इंटेलिजेंस इनपुट उपलब्ध करा रही है। इस टीम से उपलब्ध करायी गयी जानकारी का इस्तेमाल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी अपने भाषणों में आक्रामक तौर करते हैं। कुलदीप शर्मा ने बताया कि उनकी टीम बूथवार जानकारी और आंकड़े जमा करती है।

माना जा रहा है कि कुलदीप शर्मा की टीम ने दलित-आदिवासी वोटरों पर फोकस करने की रणनीति बनाई है। साथ ही पटेलों-पाटीदारों को भी साधने के लिए स्ट्रैटजी बनायी गयी है। पार्टी को इस रणनीति का फायदा हो रहा है। सत्ता से 22 सालों से दूर कांग्रेस कई इलाकों में भाजपा को कांटे का टक्कर दे रही है। बहरहाल, हाल के दिनों में आये ओपिनियन पोल में भी कांग्रेस को बढ़त मिलने के आसार जताये गये हैं। 4 दिसंबर को एबीपी-सीएसडीएस के सर्वे में दिखाया गया कि गुजरात में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। दोनों दलों को 43-43 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं। सर्वे के मुताबिक 182 सदस्यों वाले गुजरात विधानसभा में भाजपा को कुल 91 से 99 सीटें मिलने की उम्मीद है। जबकि कांग्रेस की झोली में 78 से 86 सीटें जाती दिख रही हैं। अन्य दलों को 3 से 7 सीटें मिल सकती हैं।

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