आतंकवाद के खिलाफ ज्यादा सफल रही मोदी सरकार

यूपीए सरकार के मुकाबले आतंकियों को मार गिराने की संख्या रही अधिक, आतंकी वारदात भी हुए कम

मोदी सरकार ने मंगलवार को संसद में आकड़े प्रस्तुत कर कहा है कि जम्मू-कश्मीर में यूपीए के मुकाबले भाजपा सरकार में आतंकी अधिक मारे गये। इस अवधि में आतंकी हमलों और आम लोगों के मारे जाने की संख्या भी कम हुई है। समाचार एजेंसी एएमआइ ने भी ऐसा ही दावा किया है। एएमआई के मुताबिक उसके हाथ आंकड़ों के आधिकारिक कागजात लगे हैं। आंकड़ों बताते हैं कि वर्ष 2010 से लेकर 2013 के बीच यूपीए सरकार के कार्यकाल में 1218 आतंकी गतिविधियों से जुड़ी घटनाएं हुई थीं। जबकि वर्ष 2014 से 2017 तक भाजपा के कार्यकाल में 1094 मामले ही हुए।

आधिकारिक डेटा के मुताबिक वर्ष 2014 से 2017 तक भाजपा सरकार के दौरान सुरक्षा बलों ने 580 आतंकियों को मौत के घाट उतारा है। जबकि वर्ष 2010 से 2013 के बीच यूपीए शासनकाल में 471 आतंकी ही मारे गये थे। आतंकी गतिविधियों के दौरान हिंसा में यूपीए शासन में 108 आम लोगों की मौत हुई थी। जबकि भाजपा सरकार के दौरान 100 आम लोग मारे गये। सदन में शून्यकाल के दौरान मंगलवार को कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आंतकी घटनाओं पर सरकार पर सवाल दागे थे। इस पर गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने भी सरकार के बचाव में आंकड़े पेश किये। साथ ही यूपीए और भाजपा सरकार के दौरान हुए आतंकी हमलों, मारे गए आतंकियों, शहीद हुए जवानों आदि का आंकड़ा रखा। अहीर ने कहा कि वर्ष 2010-2013 के मुकाबले मोदी सरकार के कार्यकाल में आतंकी वारदातों और उनमें मारे गये आम नागरिकों की तादाद में कमी दर्ज की गयी है।

मालूम हो कि पिछले दिनों कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यूपीए और भाजपा सरकार के शासनकाल में हुई आतंकी गतिविधियों और उनमें शहीद हुए जवानों का आंकड़े देकर पूछा था कि यही है मोदी जी का 56 इंच का सीना? सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में 43 महीनों के आंकड़ों का जिक्र किया था। लिखा था कि भाजपा सरकार के दौरान जम्मू-कश्मीर में 203 बड़े आतंकी हमले हुए, जबकि कांग्रेस सरकार के वक्त में 86 आतंकी हमले हुए थे। यूपीए सरकार के दौरान जम्मू कश्मीर में 111 जवान शहीद हुए थे, जबकि भाजपा सरकार के दौरान 274 जवान शहीद हो चुके हैं।

दूसरी ओर सुरजेवाला के ट्वीट के बाद मोदी समर्थकों ने भी आंकड़ों का अपना खाका खींचा। सर रविंद्र जडेजा नाम के यूजर ने लिखा था कि 43 महीनों में यूपीए सरकार के दौरान 367 आतंकी मारे गये थे, वहीं भाजपा सरकार में आतंकियों को मारे जाने की संख्या 566 पर पहुंच गयी। एक साल में यूपीए सरकार में 125 आतंकी ढेर हुए थे, लेकिन भाजपा सरकार में 214 आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया। भाजपा सीक्रेट डिनर नहीं करती है, न ही पाकिस्तान के आगे झुकती है।

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