आमदनी घटाकर सरकारी खर्च बढ़ाने का अंतरिम बजट!

वित्त मंत्री ने नहीं बताया कि बढ़े सरकारी खर्च के लिए रकम कहां से आयेंगे

सरकार ने अंतरिम बजट में टैक्सपेयर्स को राहत देकर अपनी आमदनी को खुद घटा लिया है, ऐसे में सरकारी खजाने पर सरकारी खर्च का बोझ बढ़ेगा। बजट में सरकार यह नहीं बता पायी है कि किसानों को मिलने वाली सालाना प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लिए वह पैसा कहां से लाएगी। मजदूरों को 3000 रुपए पेंशन और किसानों के लिए 6000 रुपए प्रति वर्ष मदद के लिए बजट में कुल मिला कर करीब सवा लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा। हालांकि इन योजनाओं से सरकार पर खर्च का बोझ बढ़ेगा।

आयकर दाताओं को मिली छूट से ही सरकार की आमदनी को नुकसान पहुंचेगा तो वहीं इन दोनों स्कीम से खर्च बढ़ेगा। कुल मिलाकर इससे सरकार पर राजकोषीय घाटा के बढ़ने का ही रास्ता साफ होगा।

इन्हीं सबके बीच अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट को क्रेडिट यानी साख की दृष्टि से निगेटिव बताया है। रेटिंग एजेंसी मूडीज के मुताबिक भारत लगातार चार वर्षों से राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने से चूक रहा है। मूडीज ने आशंका जाहिर की है कि इससे वित्त वर्ष 2019-20 में भी सरकार के लिए राजकोषीय घाटे के 3.4 प्रतिशत के लक्ष्य को पाना आसान नहीं होगा। क्योंकि भारत सरकार के इस अंतरिम बजट में राजस्व बढ़ाने को लेकर नयी नीतियों की कमी है।

मूडीज ने कहा है कि पिछले दो साल में बजट के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूक के बाद हमारा अनुमान है कि मार्च, 2020 में समाप्त वित्त वर्ष में भी सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने में चुनौतियां का सामना करना पड़ेगा जो मध्यम अवधि के राजकोषीय मजबूती के लिहाज से ठीक नहीं है।

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