कैदी ने सेंट्रल जेल में लगायी फांसी, मौत

विचाराधीन बंदी को 3 दिन पहले लाया गया था जेल

दुमका/ संवाददाता। दुमका के केंद्रीय जेल में बुधवार की शाम एक विचाराधीन ने फांसी लगाकर जान दे दी है। बंदी ने कारा के अंदर निर्माणाधीन भवन में फांसी लगाकर जान दे दी है। इस बंदी को मारपीट के आरोप में दो दिन पहले ही गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत के तहत जेल में लाया गया था। घटना बुधवार की शाम करीब 5 बजे की है। शाम आठ बजे नगर थाना पुलिस और एसडीओ राकेश कुमार ने जेल पहुंचे कर मामले की जांच की।

18 नवंबर को जेल लाया गया था गोवर्धन

एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि जामा प्रखंड के जिरूलिया गांव के गोवर्धन पुजहर (35 वर्ष) को 18 नवंबर को दुमका केंद्रीय कारा लाया गया था। उसने बुधवार की शाम जेल के निर्माणाधीन भवन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। बुधवार की शाम पांच बजे जब बंदी व कैदियों को वार्ड भेजने के बाद उनकी गिनती की जा रही थी तो एक बंदी कम पाया गया। एक बंदी के गायब होने से जेल प्रशासन की होश उड़ गए। कारा में तैनात जवानों ने जब उसकी खोजबीन की तो एक जवान की नजर जेल परिसर के अंदर स्थित एक निर्माणाधीन भवन में गई जहां एक व्यक्ति फांसी के फंदे से झूल रहा था।

पूरे प्रकरण को दबाने का हुआ प्रयास

जेल में बंदी की मौत के बाद पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। तीन घंटे बाद नगर थाना पुलिस को रात आठ बजे घटना की जानकारी दी गई। काराधीक्षक भगीरथ कार्जी व जेलर अश्विनी तिवारी मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे हैं। पूरी घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई सवाल उठे हैं। इससे पहले भी करीब पांच माह पहले रांची की एक महिला सिपाही ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दी थी। जेल प्रशासन पर परिवार के लोगों ने साजिश के तहत मरवाने का आरोप लगाया था। नगर थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है।

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