खुले में शौच गये दो बच्चे की डूबने से मौत

रेलवे का काम कर रहे ठेकेदारों ने करवाया है गड्ढा/एक को बचाने के चक्कर में दूसरा बच्चा भी गिरा/ग्रामीण रेलवे ठेकेदार पर लगा रहे लापरवाही का आरोप

पोड़ैयाहाट (गोड्डा)/संवाददाता। सोहराय के आनंद में डूबे अमुवार गांव का मांझी टोला शनिवार को मातम में डूब गया। सोहराय पर बजने वाली मांदर की थाप रुक गयी और रोने धोने की आवाज से गांव का माहौल गमगीन हो गया। पोखरनुमा गड्ढे में डूबने से दो गांव के दो बच्चे की मौत ने खुशी व आनंद पर ब्रेक लगा दिया। जानकारी के अनुसार 12 वर्षीया सावित्री मुर्मू व 6 वर्षीय बसंत मुर्मू की मौत रेलवे लाइन के निर्माण के क्रम में बने गड्ढे में जमा पानी में डूबने से हो गयी। घटना दिन के करीब एक बजे की है।

सरकारी स्कूल में पढ़ते थे दोनों बच्चे

सावित्री मुर्मू पोड़ैयाहाट मध्य विद्यालय बालक की छठे वर्ग छात्रा थी। वहीं बसंत मुर्मू गांव के ही प्राथमिक विद्यालय के तृतीय वर्ग का छात्र था। मृतकों के परिजनों व ग्रामीणों ने रेलवे लाइन का निर्माण करा रहे ठेका कंपनियों पर लापरवाही के चलते जहां-तहां गड्ढा कर देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रेलवे की ओर से बैरिकेटिंग उस जगह पर की गई होती तो दोनों बच्चों की जान नहीं जाती।

क्या कहते हैं परिजन

परिजनों ने बताया कि घर से चार पांच बच्चे शौच के लिए निकले थे। शौच के बाद पानी लेने वे गड्ढे की ओर पहुंचे। दो बच्चे गड्ढे मैं पैर हाथ धोने गए थे। इसी दौरान एक बच्चे का पैर फिसल जाने से वह गहरे पानी में गिर गया। उस बच्चे को बचाने में दूसरे बच्चे ने गहरे पानी में छलांग लगा दी। लेकिन बचा नहीं पाया और खुद भी मौत के पानी में डूब गया। बच्चों के शोर शराबे से आसपास के ग्रामीण जुटे। लेकिन, ग्रामीणों के आने में काफी देर हो चुकी थी। पानी से बच्चे को मृत हालत में निकाला गया।

ओडीएफ की घोषणा पर बड़ा तमाचा

सरकार व प्रशासन ने प्रखंड को ओडीएफ घोषित कर दिया है। जबकि सुदूर क्षेत्रों के बच्चे अभी भी बाहर शौच के लिए जा रहे हैं। वहीं घटना की सूचना पर स्थानीय थाना प्रभारी सुशील कुमार झा ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। श्री झा ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *