दुनिया की आधी दौलत 1 फीसदी धन कुबेेरों के पास

भूखों पर हंसती रिपोर्टः एक फीसदी लोगों के पास 91 लाख अरब रुपये

भूख से लोगों के मरने और कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या से जुड़ी खबरों के बीच गरीबों की मुफलिसी पर हंसने वाली एक रिपोर्ट आयी है। इस वैश्विक रिपोर्ट ने दुनिया में अमीरी और गरीबी की बढ़ती खाई को उजागर किया है। दरअसल, इस रिपोर्ट के मुताबिक महज एक फीसदी धनकुबेरों के पास दुनिया की आधी दौलत है। यह चैंकाने वाला आंकड़ा एक स्टडी में सामने आया है। यह स्टडी क्रेडिट सुइस ग्लोबल वेल्थ का है। इस स्टडी रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे वर्ष 2008 की मंदी के बाद दुनिया के बड़े अमीरों को फायदा हुआ है और दुनिया में मौजूद कुल दौलत में उनकी हिस्सेदारी 42.5 फीसदी से बढ़कर 50.1 फीसदी हो गयी है।

क्रेडिट सुइस ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक अमीर एक फीसदी लोगों को पास 106 ट्रिल्यन ब्रीटिश पाउंड यानी 90,93,210 अरब रुपये की संपत्ति है। एक फीसदी लोगों के पास मौजूद यह संपत्ति अमेरिका की अर्थव्यवस्था का करीब आठ गुना है। रिपोर्ट से सामने आये आंकड़ों के मुताबिक 10 फीसदी दौलतमंद लोगों के पास दुनिया की 87.8 फीसदी संपत्ति है। रिपोर्ट बताती है कि असमानता में आ रही गिरावट प्रवृत्ति 2008 में बदली और इसके बाद से हर साल बढ़ती गई। इसी असमानता के चलते दुनिया में करोड़पतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2000 के बाद दुनिया में करोड़पतियों की तादाद 170 फीसदी बढ़कर 3.6 करोड़ हो चुकी है। जबकि दूसरे सिरे पर दुनिया की आधी गरीब आबादी (3.5 अरब) के पास केवल 2.7 फीसदी संपत्ति है। हालांकि डेढ़ साल पहले हालात कुछ अलग थे। तब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में सुस्ती थी। मशहूर पत्रिका द इकोनॉमिस्ट ने डेढ़ साल पहले बताया था कि देश में अमीरों के धन में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। साथ ही रिजर्व बैंक की तरफ से डिफॉल्टर्स पर हो रही कड़ी कार्रवाई का भी असर देखने को मिला। मगर, दुनिया के मंदी से उबरते ही धनकुबेरों की दौलत में जोरदार इजाफा दिखा। हालांकि मंदी से परेशान रहे गरीबों को मंदी के रिकवर होने का लाभ भी नहीं दिखा।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *