धनबाद लोस सीट पर भाजपाई दिग्गजों का दंगल

टिकट के लिए नेताओं की सियासत से पीएन सिंह पशोपेश में/ महत्वकांक्षी नेताओं ने उम्र का दिया हवाला तो रक्षात्मक दिख रहे पशुपति नाथ सिंह

अमित राजा

आम चुनाव 5-6 महीने बाद होने हैं, मगर धनबाद लोकसभा सीट से भाजपा का टिकट पाने के लिए अखाड़ा अभी से सज गया है। इस अखाड़े पर भाजपा के कई दिग्गज दिलचस्प दंगल में भिड़ गये हैं। इस लोकसभा सीट से प्रतिनिधित्व करने का खवाब पाले धनबाद नगर निगम के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और मौजूदा सांसद पीएन सिंह के बीच बयानबाजी पुरानी बात हो गयी। लेकिन, 20 दिनों के अंदर तेजी से घटनाक्रम बदले हैं और टिकट पाने की रेस में सूबे के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के बाद धनबाद की पूर्व सांसद प्रो रीता वर्मा और झरिया की पूर्व विधायक कुंती सिंह भी कूद पड़ी हैं। ऐसे संकेत इन दिग्गजों के बयानों और उनकी गतिविधियों से ही सामने आये हैं।

मंत्री सरयू राय ने इस बाबत पूछे जाने पर भले ही कह दिया कि उनकी इच्छा धनबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने की नहीं है, लेकिन खुद को उन्होंने मौजूदा सांसद पीएन सिंह से उम्र में छाटे होने की बात कर लोगों को संशय में भी डाल दिया। दरअसल, भाजपा में उम्र दराज सांसदों का टिकट कटने की बात उछलने के बाद से दूसरे कई महत्वाकांक्षी नेताओं के अरमान मचले हैं। हालांकि सरयू राय ने बातचीत में कहा कि ‘मुझे नहीं पता कि ऐसी बातें कहां से उठ रही हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर पश्चिम में भी ऐसी बातें विरोधी उछाल रहे हैं कि मैं धनबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करता है।

कोयलांचल में 14 सालों से सरयू सक्रिय

दामोदर बचाओ अभियान के तहत सरयू राय कोई 14 सालों से धनबाद और बोकारो की राजनीति में सक्रिय हैं। वे हरेक साल दामोदर नदी में गंगा दशहरा मनाने पहुंचते रहे हैं। लेकिन, अचानक इन दिनों उनकी सक्रियता बढ़ी है। दो-तीन दौरे तो हर महीने इस लोकसभा क्षेत्र के कर रहे हैं। सामाजिक और सियासी लोगों के घर जाकर वे टी और लंच पॉलिटिक्स में रमें हैं। वे कई मुद्दों पर लोगों से चर्चा कर रहे हैं। सामाजिक कार्यों में भी धनबाद पहुंचते हैं। जो हो, सरयू राय की इस सक्रियता से पीएन सिंह असहज जरूर हैं, क्योंकि इस बाबत सरयू राय को लेकर उनके बयान आ चुके हैं।

सरयू को रघुवर के ग्रीन सिग्नल की चर्चा

भाजपा की छोटी-बड़ी कमेटियों में यह बात चर्चा में है कि सरयू राय को मुख्यमंत्री रघुवर दास का भी सिग्नल मिल चुका है। पार्टी लाइन से हटकर वे अपनी राय रखते रहे हैं। सरकार के खिलाफ बोलने से भी वे गुरेज नहीं करते। वे बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। दूसरी बार जमशेदपुर पश्चिम से विधायक हैं। उनकी इच्छा संसद के अंदर पहुंचने की है। लिहाजा, धनबाद लोकसभा क्षेत्र में एक्टिव हंै। कभी-कभी सरयू सरकार के खिलाफ भी सख्त हो जाते हैं। सो, मुख्यमंत्री रघुवर दास भी चाहते हैं कि सरयू राय लोकसभा का चुनाव लड़ें और जीत कर दिल्ली चले जायें। राजनीतिक जानकार धनबाद सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीएन सिंह को रघुवर दास के विरोधी खेमे में बताते हैं। इसलिए रघुवर धनबाद से लोकसभा का चुनाव सरयू को लड़ाकर दो तरफा निशाना साधना चाहते हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री भी उतरीं मैदान में

धनबाद लोस सीट से टिकट की टिक-टिक में धनबाद लोकसभा क्षेत्र से तीन बार लगातार सांसद और एक बार केंद्रीय मंत्री रहीं अशोक चक्र शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा की पत्नी प्रो. रीता वर्मा भी शामिल हो चुकी हैं। सियासत में कुछ सालों की निष्क्रियता के बाद और कॉलेज से अवकाश लेने के बाद वे सक्रिय हो गयीं हैं। दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन समेत छोटे-मोटे कार्यक्रम के बाद पूर्व सांसद प्रो. रीता वर्मा ने झरिया थाना मोड़ पर सरदार बल्लभ भाई पटेल समिति की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में वर्षों बाद पहली बार उन्होंने राजनीतिक भाषण दिया। धनबाद की दुर्दशा के कारणों का उत्तर देने की कोशिश की। जन प्रतिनिधि को इसके लिए जिम्मेवार बताया। पूछा कि धनबाद में उनसे ज्यादा काम किसने किया? संसद में कई सवाल तक नहीं पूछ पाये। मैंने एमपीएल बनवाया। इसके बाद धनबाद में इतना बड़ा कोई उद्योग नहीं लगा। एक निरसा और एक बोकारो में नवोदय विद्यालय व क्षेत्र में पांच केंद्रीय विद्यालय खुलवाये। धनबाद को एक मेगावाट बिजली दिलाई। प्रो. वर्मा ने कहा कि पार्टी ने अगर टिकट दिया तो वह लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहेंगी। वह टिकट की दावेदार हैं।

पीएन, रीता व सरयू ने दी उम्र पर सफाई

टिकट देने के मामले में उम्रदराज नेताओं को किनारा लगाने की उड़ी भाजपा में खबर से सांसद पीएन सिंह असहज हैं। उनकी नींद सरयू राय और रीता वर्मा की सक्रियता देख भी उड़ गयी है। पीएन सिंह के मुताबिक अभी उनकी उम्र 70 वर्ष भी नहीं है। मैं सरयू राय से छोटा हूं। जबकि सरयू राय ने कहा कि कम उम्र वाले भी तो बीमार होते हैं। जबकि बड़े उम्र वाले स्वस्थ्य हो सकते हैं। बकौल सरयू राय ‘मैं तपस्या रत हूं। दामोदर को साफ और जिंदा करने में लगा हूं। ऋषि मुनियों की तपस्या को देख इंद्र को लगता था कि उनका सिंहासन खतरे में है, उसी तरह मुझसे भी कुछ लोग शायद दहशत में हैं। मंत्री सरयू राय को पीएन सिंह ने उम्र में खुद से बड़ा बताये जाने पर सब जानना चाहते हैं कि दोनों में किनकी उम्र अधिक है। इधर भाजपा नेता कृष्णा अग्रवाल ने इंडिया.गव.इन पोर्टल पर दर्ज ब्योरे के हवाले से कहा कि सांसद पीएन सिंह की जन्म तिथि 11 जुलाई 1949 है। जबकि सरयू राय की जन्म तिथि 16 जुलाई 1951 है। इस तरह उम्र में पीएन सिंह मंत्री सरयू राय से दो वर्ष बड़े हैं। बहरहाल, उम्र के इस जंग में प्रो रीता वर्मा भी कूद पड़ी हैं। प्रो वर्मा ने कहा कि उनकी उम्र भी धनबाद से लोकसभा चुनाव लड़कर जीतनेवालों से कम है। वह धनबाद के सांसद के रूप में अंतिम पारी खेलना चाहेंगी।

कुंती सिंह के कूदने से दंगल हुआ दिलचस्प

झरिया विधायक संजीव सिंह की मां पूर्व विधायक कुंती सिंह भी धनबाद सीट से टिकट के दंगल में शामिल हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि बाहर से थोपा गया प्रत्याशी हमें स्वीकार नहीं होगा। सिंह मैंशन लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार है। हालांकि बाहरी प्रत्याशी को लेकर कुंती सिंह का बयान पीएन सिंह के लिए राहत भरी भी है। उनके इस बयान से टिकट के दूसरे दावेदारों को भी बल मिला है। सांसद पीएन सिंह का टिकट कटने की स्थिति में ऐसे दावेदार खुद के लिए गोटी सेट करने में जुट गए हैं। झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य कुंती सिंह कहती हैं कि सांसद पीएन सिंह को टिकट नहीं मिलता है तो सिंह मैंशन टिकट की दावेदारी करेगा। धनबाद के किसी भाजपाई को भी टिकट मिले तो कोई विरोध नहीं है।

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