नक्सलियों ने की दो युवकों की गोली मारकर हत्या

माओवादियों के शिकार बने एक थे अंजुमन कमेटी के सदर, तो दूसरे थे सरपंच कचहरी के सचिव/घटना की जवाबदेही लेते हुए नक्सलियों ने बताया दोनों को पुलिस मुखबिर/उस्मान को बचाने पहुंची उसकी पत्नी को भी लगी गोली

चकाई (जमुई)। मंगलवार की देर रात चकाई थाना क्षेत्र की बरमोरिया पंचायत के गुरुड़बाद गांव में नक्सलियों ने दो घरों का दरवाजा तोड़कर गुलाम अंसारी मोहम्मद उस्मान अंसारी की हत्या गोली मारकर कर दी। मृतक गुलाम गांव की अंजुमन कमेटी का सदर था। वहीं उस्मान सरपंच कचहरी का सचिव था। उस्मान को बचाने आयी उसकी पत्नी को हाथ में एक गोली लगी है, जिससे वह जख्मी हो गयी है। घटना को लेकर गांव में दहशत के साथ आक्रोश भी है।

मृतक गुलाम की पत्नी ने घटना के बारे में बताया कि मंगलवार रात दस बजे के करीब वे अपने पति को खाना देने जा रही थी। इसी बीच किसी ने जोर से दरवाजा खटखटाया। जब मौके पर मौजूद गुलाम ने पूछा कौन है तो उनलोगों ने बताया कि हम सिधु और पिंटू राणा हैं। दरवाजा खोलो नहीं तो तोड़ देगें। इतना कह कर वे लोग जबरन दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गये और घर के अंदर खाट पर लेटे गुलाम पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए उन्हें एके 47 से पांच गोली मारी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इसी बीच एक अन्य ग्रुप ने मोहम्मद उस्मान के घर का दरवाजा तोड़कर घर में सोये मोहम्मद उस्मान को भी पुलिस मुखबिरी के आरोप में गोलियों से छलनी कर दिया। वहीं मात्र 15 मिनट के अंदर नक्सली घटना को अंजाम देकर चलते बने। ग्रामीणों ने बताया कि नक्सली बड़ी तादात में थे। वे चारो और से गांव को घेरे हुए थे। वहीं हमला करने वाला नक्सली चार चार की संख्या में था और पुलिस वर्दी पहने था।

सभी नक्सली घटना के बाद बरमोरिया जंगल की ओर बाइक से निकल गए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गोली की आवाज के साथ ही दोनों पीड़ितों के घर से चीखने चिल्लाने और रोने की आवाज सुनकर उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि घटना कि जानकारी चकाई पुलिस को साढ़े 10 बजे रात को ही दी गयी। मगर, पुलिस बुधवार 10 बजे तक नही पहुंची। जिससे परिजनों सहित ग्रामीणों में भारी रोष है। वहीं इस घटना से मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है।

बताया जाता है कि नक्सली हमले में मारा गया दोनों ग्रामीण सीधा साधा था और गांव में रहकर खेती करता था। वहीं नक्सलियों ने जब उस्मान पर गोली चलाई तो पति को बचाने के प्रयास में एक गोली उसकी पत्नी सबीरन खातून के हाथ मे लगी। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गयी। परिजनों द्वारा घायल महिला को बुधवार सुबह इलाज के लिए चकाई रेफरल अस्पताल ले जाया गया। नक्सलियों ने घटना को अंजाम देकर जाते समय गांव के बाहर एक नक्सली पोस्टर छोड़ा, जिसमें दोनों ग्रामीणों की पुलिस मुखबिरी के आरोप में हत्या करने की बात स्वीकारी। वहीं इस घटना के बाद गुरड़बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। इधर दोपहर 1 बजे पुलिस पहुंचने पर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। लोगों ने प्रशासन मुर्दाबाद का नारा भी लगाया।

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