नमाज के दौरान फारूख अब्दुल्ला पर धक्कामुक्की, उछाले गए जूते

फारूक ने लगाए थे ‘भारत माता की जय’ के नारे/नमाज के वक्त ऐसा करना सही नहीं था : अब्दुल्ला

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांग्रेस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ नारा लगाने के बाद बदसलूकी का सामना करना पड़ा है। बुधवार को कश्मीर में मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे फारूक अब्दुल्ला का विरोध हुआ और उनके साथ धक्कामुक्की की गई। यहां तक कि उनपर जूते भी उछाले गए हैं। इस दौरान फारूक चुपचाप बैठे रहे, लेकिन बाद में विरोध बढ़ने पर मस्जिद से चले गए। हालांकि फारूक ने कहा, ‘अगर सिरफिरे लोगों को लगता है कि फारूक डर जाएगा तो उनकी गलती है। मुझे ‘भारत माता की जय’ कहने से कोई नहीं रोक सकता।’

कश्मीर को भी अपने पैरों पर खड़ा होना होगा

घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं डरा नहीं हूं। प्रदर्शनकारियों के इस रवैये से मुझे फर्क नहीं पड़ता। भारत आगे जा रहा है और कश्मीर को भी अपने पैरों पर खड़ा होना होगा। उन्हें अगर ऐसा करना था तो दूसरा वक्त चुनते। नमाज के वक्त ऐसा करना सही नहीं था।’

फारूक के खिलाफ जमकर नारेबाजी

आपको बता दें कि ईद-उल-अजहा के मौके पर हजरतबल मस्जिद में फारूक अब्दुल्ला के अलावा स्थानीय लोग सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए थे। इससे पहले कि नमाज शुरू होती और इमाम लोगों को संबोधित करते अचानक लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और फारूक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। थोड़ी ही देर में धक्का-मुक्की भी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाए तो वहीं कुछ ने जूते भी उछाले। मौजूद लोगों ने फारूक से मस्जिद से चले जाने को कहा। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘अब भारत और पाकिस्तान के बीच शांतिपूर्ण बातचीत का वक्त आ गया है। नफरतों से बाहर निकलने की जरूरत है। यह देश हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और और यहां रहने वाले लोगों का है।’ फारूक ने आगे कहा, ‘मैं डरने वाला नहीं हूं। अगर ये समझते हैं कि ऐसे आजादी आएगी तो मैं इनको कहना चाहता हूं कि पहले बेगारी, बीमारी और भुखमरी से आजादी पाओ।’ इससे पहले फारूक अब्दुल्ला ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों से भारत माता की जय और जय हिंद के नारे लगवाए थे। कहा जा रहा है कि इसे लेकर ही लोगों ने उनका विरोध किया। तब सभा में पूरे जोश के साथ भाषण दे रहे फारूक ने वहां मौजूद लोगों से कहा था, ‘मेरे साथ एक नारा दीजिए। भारत माता की जय।’ जब आवाज कम आई तो फारूक ने लोगों से कहा कि अरे भाई लोगों ये तुम्हारी आवाज है? फिर उन्होंने भारत माता की जय, भारत माता की जय और अंत में जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद के साथ अपना भाषण खत्म किया था।

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