‘बिपासा’ की चाहत में गुजरात के एक गांव में वोट बहिष्कार

मोरबी जिले के गजाड़ी गांव का मामला, वोट से नहीं मिलती बिपासा इसलिए वोट से ही किया तौबा

अहमदाबाद। मोरबी जिले के गांव गजाड़ी को ‘बिपासा’ से बेइंतहा मोहब्बत है। यह गांव बिपासा की चाहत में हद से गुजर सकता है। लेकिन, बार-बार वोट डालने के बाद भी बिपास का दीदार (दर्शन) नहीं होने से यह गांव आहत है। सो, बिपासा की दीवानगी में इस बार के विधानसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार कर दिया है। गांव वालों को भरोसा है कि इस बार जिला प्रशासन के साथ राजनीतिक दलों के होश उड़ेंगे और उनकी मांग पूरी होगी। साथ ही गांव को बिपासा मिल जायेगी।

गजाड़ी गांव की चाहत ‘बिपासा’ को अगर आप फिल्मी अदाकारा बिपासा बसु समझ रहे हैं तो गलत है। दरअसल, यह बिपासा अलग है। इस गांव के लिए बिपासा का मतलब है बिजली, पानी और सड़क। मोरबी जिला स्थित गजाड़ी गांव के हजार से अधिक मतदाताओं ने इस बार मतदान बहिष्कार का फैसला किया। वोटरों ने अपने गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी के विरोध में चुनाव बहिष्कार किया। गांव के लोगों की शिकायत है कि यहां पानी की कमी है। गांव में सड़क भी नहीं है। ग्रामीणों को बिजली की नियमित आपूर्ति भी नहीं हो पाती है।

उल्लेखनीय है कि जब-तब चुनावी दल आकर यहां वादे तो करते हैं, लेकिन कभी यह वादा पूरा नहीं होता। एक वोटर ने कहा कि- सुविधा नहीं तो वोट नहीं। एक अन्य मतदाता ने कहा कि गांव में कहीं विकास हुआ ही नहीं है। गजाड़ी गांव में 1065 मतदाता पंजीकृत हैं, जिसमें से 506 औरतें हैं। हालांकि गुजरात के बाकी जगहों पर जमकर मतदान हुआ है। है। गुजरात विधानसभा चुनाव में शनिवार को पहले चरण के मतदान के लिए वोटिंग हुई। 98 सीटों पर लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वैसे सूरत, सौराष्ट्र और कच्छ में खराब इवीएम की शिकायत आयी। बताया गया कि करीब 70 इवीएम सिर्फ सूरत के शहरी इलाकों में खराब पाया गया। और भी जगहों पर इवीएम में खराबी की बात सामने आयी है।

 

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