मंत्री आवास पर धरने पर बैठे पारा शिक्षक की मौत

कड़ाके की ठंड में 22 दिनों से धरने पर बैठे थे पारा शिक्षक कंचन दास / 25 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की संघ ने उठायी मांग/ मंत्री डॉ लुईस मरांडी और रघुवर दास को कंचन का बताया हत्यारा

दुमका/संवाददाता। एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले घेरा डालो डेरा डालो कार्यक्रम के तहत समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी के आवास पर धरना पर बैठे पारा शिक्षक कंचन कुमार दास (35) की रविवार को ठंड लगने से मौत हो गई। इससे पहले कंचन को ठंड लगने की जानकारी पर पारा शिक्षकों ने उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सक दिलीप कुमार भगत ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कंचन कुमार दास की मौत की खबर परिजनों को देने के बाद पिता अखिलेश दास रोते-बिखलते पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पिता अखिलेश दास ने अपने जीगर के टुकड़े से लिपट कर फूट-फूटकर रोने लगे। साथियों ने उनके पिता को ढांढस बंधाया। एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कंचन के परिजनों को 25 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग सरकार से की है। मोर्चा के राज्य कमेटी सदस्य मोहन कुमार मंडल ने बताया कि कंचन धरना पर था। ठंड लगने से उसकी मौत हुई है।

पोस्टमार्टम हाउस से निकाली शव यात्रा

पारा शिक्षकों ने कंचन की शव यात्रा पोस्टमार्टम हाउस से निकाली, जो नगर थाना होते हुए यज्ञ मैदान तक पहुंची। कंचन का शव यज्ञ मैदान पहुंचते ही रघुवर सरकार के खिलाफ पारा शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की। पारा शिक्षकों ने मंत्री डॉ लुईस मरांडी और रघुवर दास को कंचन का हत्यारा बताया। पारा शिक्षकों ने लुईस मरांडी व रघुवर दास को हत्यारा करार देते हुए रघुवर सरकार हाय, हाय, लुईस मरांडी मुर्दाबाद, रघुवर दास मुर्दाबाद, कंचन दास अमर रहे, कंचन का बलिदान खाली नहीं जाएगा सरीखे नारे लगाये।

यज्ञ मैदान में हुई श्रद्धांजलि सभा

यज्ञ मैदान में पारा शिक्षक कंचन के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि सभी पारा शिक्षकों ने नम आंखों से दी। यज्ञ मैदान में श्रद्धांजलि देने के बाद कंचन के पार्थिव शरीर को भावभीनी विदाई उनके पैतृक आवास के लिए दी गयी। एम्बुलेंस से कंचन के पार्थिव शरीर को पैतृक गांव नोनीहाट भदवारी ले जाया गया। कंचन कुमार दास मूलरूप से जिले के रामगढ़ प्रखंड के नोनीहाट के भदवारी गांव के रहने वाले थे। वे वर्ष 2004 से बतौर पारा शिक्षक काम कर रहे थे।

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