माओवादी प्रवीर दा मामले में एसपी मैथ्यु ने दी गवाही

रांची जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करायी गयी प्रवील दा की पेशी/मुंबई में हैं सीबीआइ के एसपी हैं अनूप टी मैथ्यू, बचाव पक्ष के सवालों पर कहा ठीक से याद नहीं/पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में नक्सली कमांडर प्रवीर को मिली है फांसी की सजा

दुमका/संवाददाता। पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में फांसी की सजा पायेे नक्सली एरिया कमांडर प्रवीर दा की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर रायफल और गोलियां बरामद होने के मामले में तत्कालीन एसपी अनूप टी मैथ्यु और जमशेदपुर के एएसआई रामदेव बानरा ने गुरुवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत में गवाही दी। गवाही के दौरान केस का एकमात्र अभियुक्त प्रवीर दा को वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। एसपी हत्याकांड में प्रवील दा को दुमका जिला के रामगढ़ थाना क्षेत्र के हड़वाडंगाल इलाके से गिरफ्तार किया गया था, पर तब उसके पास कोई हथियार नहीं था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर काठीकुंड के लकड़ाफेला इलाके से झाड़ियों में पाईप के अंदर छिपा कर रखा गया एक रायफल, 3.3 के तीन जिंदा कारतूस और इंसास का एक मैगजीन बरामद किया था। जिसे लोस चुनाव के दिन पुलिस से लूटा गया था। हथियारों की बरामदगी मामले में आर्मस एक्ट की धाराओं के तहत काठीकुंड थाना कांड सं. 95/14 दिनांक 27.09.14 के तहत उसे गिरफ्तार किया गया था।

गवाही में कहा, ठीक से याद नहीं

बचाव पक्ष के अधिवक्ता मो राजा ने एसपी से पूछा कि बरामद किया गया रायफल यदि पुलिस का था तो यह किस थाने का था और उसकी चोरी को लेकर कौन सा मामला दर्ज है। इसपर एसपी ने कहा कि उन्हें ठीक से याद नहीं है। अनूप टी मैथ्यू अभी मुंबई सीबीआइ में एसपी हैं। वे दिन के करीब 12 बजे अदालत पहुंचे। न्यायाधीश तौफीकुल हसन व दो ट्रेनी न्यायिक दंडाधिकारियों के साथ वे वीडियो कांफ्रेसिंग कक्ष आये। जहां प्रवीर की ओर से बचाव पक्ष के अधिवकता मो. राजा खान और अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजन दयाशंकर ओझा मौजूद थे।

करीब 45 हिमनट चली गवाही

करीब 45 मिनट चली गवाही और प्रति परीक्षण के दौरान अधिवक्ता राजा खान ने एसपी से पूछा कि प्रवीर दा की गिरफ्तारी के दौरान जो रायफल बरामद हुई थी, क्या वह पुलिस की थी। अगर पुलिस की रायफल चोरी हुई थी तो क्या उसकी प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस पर एसपी ने कहा कि उन्हें कुछ याद नहीं है। फिर अधिवक्ता ने पूछा, क्या पुलिस के रायफल पर कोई मार्का होता है जिससे पता चले कि वह किस थाना से संबंधित है, तो एसपी ने कहा हां। वह रायफल किस थाना का इस बारे में पूछने पर एसपी ने दोहराया कि उन्हें ठीक से याद नहीं है। गिरफ्तारी के समय कौन-कौन टीम में था, इस पर भी एसपी ने कहा कि ठीक याद नहीं है।

26 सितंबर 2014 को गिरफ्तार हुआ था प्रवीर

2 जुलाई 2013 को दुमका में आयोजित डीआइजी की बैठक से वापस पाकुड़ लौटने पर पाकुड़ एसपी अमरजीत बलिहार की नक्सलियों ने दुमका जिले के काठीकुंड के आमतल्ला गांव के पास हत्या कर दी थी। एसपी बलिहार के अलावा दुमका के गुहियाजोरी निवासी मनोज हेम्ब्रम, साहिबगंज के राजीव कुमार शर्मा, संतोष मंडल, बिहार बक्सर के अशोक कुमार श्रीवास्तव व बिहार के कटिहार निवासी चंदन थापा भी इस घटना में शहीद हो गए थे। इस हत्याकांड को लेकर प्रवीर दा, ताला दा, जोसेफ और दाउद उर्फ विमल के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। 26 सितंबर 2014 को एसपी अनूप टी मैथ्यु को सूचना मिली कि प्रवीर रामगढ़ प्रखंड के हड़वाडंगाल गांव में मुखिया के घर आया हुआ है। एसपी के नेतृत्व में रात में ही कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया था। प्रवीर के खिलाफ दुमका में 22 और पाकुड़ में 05 कांड दर्ज है।

26 सितंबर 2018 को सुनायी गयी फांसी की सजा

एसपी अमरजीत बलिहार हत्या मामले में 26 सितंबर 2018 को तौफीकुल हसन की अदालत ने प्रवीर दा उर्फ सुखलाल मुर्मू और सनातन बास्की को फांसी की सजा सुनायी थी। इससे पहले मसलिया के कुतला मियां हत्याकांड में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी जा चुकी है। फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद दोनों को दुमका केंद्रीय जेल से रांची शिफ्ट कर दिया गया था।

पुलिस ने दो नक्सली को गिरफ्तार कर भेजा जेल
5 पुलिसकर्मियों की हत्या समेत गई कांडों में था शामिल, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

पीरटांड़/गिरिडीह। पीरटांड़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार मिल रही सफलता के बाद गिरिडीह पुलिस को एक बार फिर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पीरटांड़ व खुखरा थाना क्षेत्र से दो नक्सली को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया है। इन दोनों की गिरफ्तारी कुड़को के जंगल की पहाड़ी से विस्फोटक के साथ हुई है। गिरफ्तारी टीम में एएसपी दीपक कुमार, खुखरा थाना प्रभारी अनिल उरांव, पीरटांड़ थाना प्रभारी उपेंद्र राय, हरलाडीह के सहायक कमांडेंट अमर कुमार शामिल थे। खुखरा थाना प्रभारी अनिल उरांव ने बताया कि कुड़को के जंगल पहाड़ी में पीरटांड़ थाना क्षेत्र के घमभरिया निवासी गुलुआ सोरेन उर्फ सुरेश सोरेन व कुड़को निवासी शिबा तुरी को विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। बताया कि ये दोनों के पास पांच पाइप बम, 25 जिलेटिन व 25 पावर जेल भी बरामद किया गया है। गुलुवा के इशारे पर ही ये नक्सली वारदात को अंजाम देता था। इन दोनों नक्सलियों पर अब तक वर्ष 2004 में पांच पुलिस कर्मियों की हत्या करने, डुमरी रोड के पुल उड़ाकर एसआईएस वाहन उड़ाने व एक छोटू नामक चौकीदार की हत्या करने का भी आरोप है।

 

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