मोदी सरकार ने अयोध्या की गैर-विवादित जमीन वापस मांगी

राम मंदिर मुद्दे पर मोदी सरकार ने चला बड़ा दांवध्अयोध्या की विवादित जमीन है महज 0.313 एकड़ध् सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1993 में इस जमीन समेत आसपास की करीब 67 एकड़ जमीन पर स्टे लगा दिया था

मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर एक याचिका दायर की है। सरकार ने अपील की है कि अयोध्या में गैर-विवादित जमीन भारत सरकार को वापस दिया जाये। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार का कहना है कि वह गैर विवादित जमीन मूल मालिकों को लौटाना चाहती है। जबकि इस जमीन पर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1993 यानी करीब 26 साल पहले यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। अब सरकार ने इस जमीन को वापस मांगा है। मालूम हो कि अयोध्या में गैर-विवादित जमीन में से ज्यादातर रामजन्मभूमि न्यास की है।

दरअसल, रामजन्मभूमि न्यास विश्व हिंदू परिषद का शुरू किया गया ट्रस्ट है, जिसे राम मंदिर निर्माण के लिए बनाया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अगर सुप्रीम कोर्ट केंद्र की मांग पर हामी भरता है तो राम मंदिर निर्माण का काम शुरू हो सकता है। लिहाजा, इसे मोदी सरकार का आम चुनाव से पहले बड़ा दांव माना जा रहा है। रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़ी अयोध्या में जिस भूमि पर विवाद है वह 0.313 एकड़ ही है।

मालूम हो कि वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद गिराये जाने के बाद इसे और इसके आसपास की करीब 67 एकड़ जमीन वर्ष 1993 में केंद्र सरकार ने अधिग्रहीत की थी। मगर, सुप्रीम कोर्ट ने इस जमीन पर स्टे लगा दिया था। 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर सुनवाई होनी थी, मगर जस्टिस एसए बोबड़े के अवकाश पर जाने से यह सुनवाई टल गयी थी।

 

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