मोदी सरकार ने किया संविधान के साथ खिलवाड़ः दीपांकर

महेंद्र सिंह शहादत दिवस पर आयोजित संकल्प सभा में लाल झंडे से पटा बगोदर/बड़ी संख्या में कामरेडों ने दी अपने नेता को श्रद्धांजलि/पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना/राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा- -अंबेदकर ने संविधान में गरीब-अल्पसंख्यकों के आरक्षण के लिए बनी नियमावली के साथ किया जा रहा खिलवाड़/बताया कोडरमा लोस सीट पर माले का स्वाभाविक दावा/जनता और बेराजगार युवाओं के बीच गठजोड़ को बताया जरूरी

गिरिडीह। शोषितों-वंचितों के जननायक भाकपा (माले) नेता सह बगोदर के पूर्व विधायक शहीद का विधायक महेंद्र सिंह का 15वां शहादत दिवस बगोदर में बुधवार को संकल्प सभा के रूप में मनाया गया। इसमें हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। संकल्प सभा को लेकर एक ओर जहां बगोदर लाल झंडे से पटा हुआ था, वहीं गिरिडीह के अलावा सरिया, बिरनी, जमुआ, गावां, तिसरी सहित अन्य प्रखंडों से बड़ी तादाद में माले कार्यकर्ता लाल झंडे के साथ जुलूस में शामिल होकर बगोदर पहुंचे। संकल्प सभा से पूर्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, जिला सचिव व पोलित ब्यूरो के सदस्य मनोज भक्त, राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, विधायक राजकुमार यादव, पूर्व विधायक विनोद सिंह, राजेश यादव, परमेश्वर महतो, राजेश सिन्हा, मन्नोवर हसन बंटी सहित पार्टी नेता व कार्यकर्तां पहले खंभरा स्थित शहीद महेंद्र सिंह के पैतृक आवास पहुंचे और शहीद महेंद्र सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं बगोदर स्थित पार्टी कार्यालय सह किसान भवन में शहीद महेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम की शुरूआत की गयी।

संकल्प सभा को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और उसे किसान व गरीब विरोधी सरकार बताया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार न सिर्फ हर मोर्चे पर विफल रही है, बल्कि संविधान के साथ भी खिलवाड़ किया है। डाॅ बाबा साहब अंबेदकर ने संविधान में गरीब व अल्पसंख्यकों के आरक्षण के लिए जो नियमावली बनाई है, उसके साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी और बेरोजगारी चरम पर है और सरकार इस मुद्दे पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। जबकि माले ने इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया है और करती रहेगी।

माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड में जमीनी हकीकत के अनुसार विपक्ष का महागठबंधन तय होना चाहिए। कहा कि कोडरमा लोस सीट पर माले का स्वभाविक दावा बनता है। इस हकीकत को महागठबंधन दल के नेताओं को स्वीकार करना होगा। तभी माले गठबंधन की हिस्सेदार बनेगी। स्व महेन्द्र सिंह की शहादत दिवस पर शिरकत करने बगोदर आये भट्टाचार्य बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में साफ शब्दों में कहा कि कोडरमा लोस सीट पर अन्य दल दावा करें तो यह गठबंधन के लिए घातक साबित होगी।

दीपांकर ने कहा कि मोदी लहर में भी कोडरमा में माले उम्मीदवार का मामूली अंतर से पराजय मिली थी। कोडरमा की हकीकत स्वीकार कर कोई भी गठबंधन बने, माले उसकी हिस्सेदार होगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों में गठबंधन होने के बजाय जनता व बेरोजगार युवाओं के बीच गठजोड़ होना चाहिए। मोदी सरकार में दोनों त्रस्त हैं। माले नेता ने कहा कि सभ्य समाज निर्माण के लिए शिक्षा का विस्तार जरूरी है, पर झारखंड में उल्टी गंगा बहायी जा रही है। राज्य सरकार स्कूलों को बंद करने में लगी है। यह सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में पारा शिक्षकों का आंदोलन बड़ा मुद्दा बनना चाहिए। भट्टाचार्य ने कहा कि माले पारा शिक्षकों के आंदोलन के साथ है। राज्य में चल रही लाठी-गोली की सरकार को चुनाव में जनता जवाब देगी।

भाजपा का टूटा भ्रम

भट्टाचार्य ने कहा कि विपक्ष के सबसे कद्दावर नेता स्व महेंद्र सिंह की हत्या के बाद भाजपा को भ्रम हुआ था कि माले खत्म हो जाएगी। लेकिन सिंह की शहादत बेकार नही गई। माले और मजबूत बनकर उभरी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आवाज को कमजोर करने की साजिश के तहत विरोध की आवाज दबा दी गयी। इतिहास गवाह रहा है कि अंहकार का हमेशा नाश हुआ है। 2019 के लोस चुनाव में नरेंद्र मोदी व आरएसएस निजाम के खिलाफ जनता एकजुट होगी।

 पांच सालों में विकास के नाम पर थमाया झुनझुना

बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने पांच साल पूर्व विकास के नाम पर जो स्लोगन दिया था, वह सिर्फ झुनझुना साबित हुआ है। यह किसानों और गरीब नौजवानों के लिए कड़वाहट के अलावा कुछ नहीं साबित हुआ। उन्होंने कहा कि एक देश व एक कानून की बात करने वाली मोदी व रघुवर सरकार ने देश को बांटने का काम किया है। किसानों को क्षेत्रवाद के आधार पर बांट कर रख दिया है। सरकार किसानों की जमीन का रसीद नहीं काटकर उसे उद्योगपति घरानों को दे देने पर मजबूर कर रही है। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान से गायब हुए सात मजदूरों व जिले में स्कूलों के समायोजन के साथ बंद हो रहे स्कूलों के सवाल पर भी रघुवर सरकार पर जमकर निशाना साधा।

 

गरीबों के साथ हमेशा खड़ी रहती है माले

सभा को संबोधित करते हुए धनवार विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि सामान कार्य को लेकर पारा शिक्षकों को सामान वेतन सरकार नहीं दे पा रही है। वहीं सांसद, विधायकों के वेतन बढ़ाने के लिए सरकार के पास खजाना भरा पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे दिन हो या रात भाकपा माले हर समय गरीबों के साथ खड़ी रहती है।

कोडरमा वामदल का सबसे मजबूत क्षेत्र

निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शहीद महेंद्र सिंह गरीब और मजदूरों के नेता थे। उन्होंने गरीबों के हक और अधिकार के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाई थी। यही वजह है कि उनकी जमीन पर आज भी चारों ओर लाल लहर साफ दिखाई देता है। इस दौरान उन्होंने कोडरमा लोकसभा क्षेत्र को देश में वामदलों के लिए सबसे मजबूत क्षेत्र बताया। सभा को राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, जिला सचिव मनोज भक्त, राजेश यादव, परमेश्वर महतो, राजेश सिन्हा, मन्नोवर हसन बंटी सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

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