लगातार कई संकटों का फेर, भाजपा ढेर

नोटबंदी के आये नतीजों के अलावा गौरखपुर में बच्चों की सामूहिक मौत, गुजरात चुनाव में अहमद पटेल की जीत, रेल हादसों और बाबा समर्थकों की हिंसा से भाजपा को लगा बड़ा झटका/कमजोर विपक्ष को थौक में मिले मुद्दे

देश के कमजोर विपक्ष को हाल के दिनों में थौक के भाव में भाजपा के खिलाफ मुद्दे मिले हैं। इन मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल आंदोलन का कोई माहौल भले ही नहीं बना पाये, लेकिन लगातार एक के बाद एक कई संकटों से भाजपा इन दिनों बचाव की मुद्रा में हैं। आठ-नौ महीने पहले सरकार की ओर से की गयी नोटबंदी के नतीजों की रिपोर्ट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने जारी की। वर्ष 2016-17 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आरबीआई ने बताया है कि नोटबंदी के बाद चलन से बाहर किए गए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों में से लगभग 99 फीसदी बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आए हैं।
ऐसे में काला धन को सिस्टम में लौटने से रोकने के मकसद से की गयी नोटबंदी की विफलता को विपक्ष उठा तो रहा है, लेकिन सरकार के खिलाफ जनगोलबंदी नहीं दिख रही है। देश भर में सरकार के खिलाफ माहौल भी निर्मित नहीं हो सका है। रिपोर्ट के मुताबिक बंद किए गए नोटों में 15.44 लाख करोड़ में से 15.28 लाख करोड़ वापस आ गए हैं। मसलन, महज 16,000 करोड़ रुपये ही बैंकिंग सिस्टम में वापस नहीं आए हैं। जबकि नोट की छपाई पर तकरीबन 8,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं जिसका पिछला आंकड़ा 3,420 करोड़ रुपये था। हालांकि नोटबंदी को फाइनेंशियल सिस्टम की सफाई बताया जा रहा है।

इसे भी नोटबंदी का असर ही कह सकते हैं कि देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून की तिमाही में घटकर 5.7 फीसदी पर आ गई है। यह जीडीपी का तीन साल का न्यूनतम लेबल है। मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में सुस्ती के बीच नोटबंदी का असर कायम रहने से जीडीपी की वृद्धि दर कम रही है। मगर, संघ समर्थित संगठनों ने गाय के मुद्दे पर विपक्ष को ऐसे भटका कर रखा है कि ऐसे इंसानी मुद्दे पर बयान बहादुरी छोड़ विपक्ष और कुछ नहीं कर पा रहा है।

फिर भी कुछ अर्थशास्त्री नोटबंदी को सफल बताते हैं। उनका तर्क है कि सिस्टम को झकझोरा है और लोगों की सोच में भी बदलाव आया है। इन तर्कों के बाद भी आरबीआई की रिपोर्ट कहीं से कामयाब नहीं दिख रही। नोटबंदी के नतीजों पर आयी रिपोर्ट के अलावा भी भाजपा को कई झटके लगे हैं। भाजपा के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष के सुभाष बराला के पुत्र विकास बराला ने पार्टी की थुक्कम फजीहत करायी। पीड़ित लड़की के आरोप पर उनकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन भाजपा को छवि का झटका लगा। हरियाणा की इस घटना पर सोशल मीडिया में भाजपा के नारे “बेटी बचाओ” की लोगों ने खूब पैरोडी बनायी।

इसी हरियाणा में बाबा राम रहिम के समर्थकों की हिंसा भी भाजपा के लिये परेशानी का सबब बनी। बलात्कार के आरोप में सजायाफ्ता बाबा से मुख्यमंत्री और भाजपा की नजदीकी ने भी पार्टी की किरकिरी करायी। लेकिन, कई गैर जरूरी मुद्दों के भटकाव में विपक्ष भाजपा की चूलें हिलाने में विफल रहा। दूसरी ओर गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में बच्चों की भयावह मौत के बाद भाजपा सरकार को फजीहत झेलनी पड़ी। इस घटना का भाजपाईयों पर ऐसा असर पड़ा कि घटना पर प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष या मुख्यमंत्री फौरन संवेदना तक प्रकट नहीं कर सके। ऊपर से उप्र के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने यह कह कर कि अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं, पार्टी नेतृत्व को और परेशानी में डाल दिया।  

वैसे, सबसे बड़ा सियासी झटका भाजपा को गुजरात से कांग्रेस के नेता अहमद पटेल के फिर से राज्यसभा पहुंचने से लगा। उन्हें राज्यसभा में जाने से रोकने के लिए भाजपा ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। आलम ये था कि भाजपा अमित शाह और स्मृति ईरानी को जिताने से ज्यादा जोर पटेल को हराने में लगा रहे थे। दूसरी ओर झारखंड में पैसे के अभाव में बच्चे का इलाज न हो पाना और उसकी मौत के साथ कई जगहों पर चोटी काटने के अफवाह में हिंसा से भी भाजपा को नुकसान हुआ।  

ऐसे में पटरी पर हिल-हिल कर चल रही भाजपा की सियासत रेल हादसे से और बेचैन हो गयी। खतौली की रेल दुर्घटना और उसके बाद सामने आए तथ्यों ने पार्टी प्रवक्ताओं को मुश्किलों में डाल दिया। पता चला कि पटरी पर काम चल रहा था मगर ड्राइवर को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। शिव सेना से बीजेपी में आए सुरेश प्रभु ने ट्विटर के जरिए कार्यकुशल रेल मंत्री की जो छवि बनाई थी वो पूरी तरह धुल गई, जब चार दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश के औरेया में कैफियत एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि प्रभु के इस्तीफे की पेशकश से भी डैमेज कंट्रोल नहीं हो सका। इसके बाद निजता के अधिकार मामले में अदालत की बात से भी भाजपा पर सवाल उठे।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *