सपा-बसपा के नकारात्मक संकेतों पर कांग्रेस का नया प्लान

नई दिल्ली। देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत के बाद कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। सबसे महत्वपूर्ण माने जने वाले राज्य उप्र में सपा-बसपा से मिले नकारात्मक संकेतों के बाद कांग्रेस ने 80 संसदीय सीटों वाले इस राज्य के लिए नया प्लान तैयार किया है। पार्टी के दिग्गज नेता उत्तर प्रदेश के लिए रणनीति बनाने में जुट गये हैं। लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में अखिलेश यादव और मायावती के बीच होने वाले महागठबंधन में कांग्रेस को शामिल ना करने की खबरों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक खास प्लान पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार अगर सपा-बसपा ने महागठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया तो कांग्रेस अलग राह अख्तियार करेगी।

इधर आयी एक खबर के मुताबिक कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वर्तमान हालातों को देखते हुए कांग्रेस को यूपी में हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। सपा और बसपा ने कांग्रेस को महागठबंधन में शामिल करने के मुद्दे पर अभी तक चुप्पी बरती है। पिछले दिनों दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की बैठक से भी अखिलेश यादव और मायावती ने दूरी बनाई थी। आगामी 15 जनवरी को बसपा ने मायावती के 63वें जन्मदिन पर लखनऊ में एक बैठक रखी है, जिसमें कई संभावित सहयोगियों को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक के लिए कांग्रेस को अभी तक कोई न्यौता नहीं मिला है।

कांग्रेस के अंदर से आ रही खबरों के अनुसार पार्टी यूपी में जल्द ही अलग-अलग स्तर पर बैठकें करेगी और प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों का चयन शुरू होगा। हिंदी बेल्ट के तीन राज्यों में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेसी कैडर आत्मविश्वास से भरे हैं। यूपी में कांग्रेस के नेता प्रकाश जोशी कहते हैं कि हम पहले से ही चुनाव मोड में हैं और लोगों ने 2019 के चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ज्यादातर सीटों पर बूथ स्तर का सम्मेलन कर चुकी है और उम्मीदवारों की पहचान की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होगाी। महागठबंधन का हिस्सा बनना या ना बनना पार्टी हाईकमान का फैसला होगा, लेकिन एक संगठन के रूप में हमें किसी भी स्थिति और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

कांग्रेस नेता प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को सुझाव दिया है कि सपा-बसपा अगर कांग्रेस को साथ लेते भी हैं तो काफी कम सीटों का ऑफर दे सकते हैं। लिहाजा, हमें एक अगल प्लान तैयार रखना चाहिए। हालांकि बसपा या सपा के साथ अभी तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है, लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा है कि दोनों पार्टियां केवल दो सीटें अमेठी और रायबरेली ही कांग्रेस के लिए छोड़ सकती हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि वे दोनों पार्टियों से 15 सीटों की मांग करेंगे। जबकि एक बसपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जो बोया है, अब वही उन्हें मिलेगा। दूारी ओर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि अभी गठबंधन के गठन पर कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगा।

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