आमने-सामने हुए पर मुंह फेर गये अमित शाह व राहुल

सदन में आरोप-प्रत्यारोप के बाद भी एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिलने का पारंपरिक शिष्टाचार टूटा

संसद के गलियारे में आपने कई बार देखा होगा कि सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे से घुलते-मिलते रहे हैं। संसद के इसी गलियारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लपक पर राहुल गांधी से हाथ मिलाने दृश्य भी आपको याद होगा। मगर, बीते रोज इसी संसद के गलियारे से गुजरते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक-दूसरे से मुंह फेर लिया। मीडिया में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

अभी हाल की ही बात है कि तीन तलाक बिल को लेकर कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच सदन में तीखी नोकझोंक हुई थी। मगर, दूसरे ही दिन जेटली ने अपने ऑफिस में आनंद शर्मा का जन्मदिन मनाया। खास बात तो यह रही थी कि आनंद शर्मा के बर्थडे के केक का ऑर्डर मुंबई से रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दिया था। इस दौरान कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे। मगर, भारतीय राजनीति का ऐसा पारंपरिक शिष्टाचार टूटा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संसद के गलियारे में एक-दूसरे से हाथ मिलाए बिना ही चले गये। दोनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा तक नहीं। या यूं कहें कि मुंह फेर लिया।

बहरहाल, सदन के भीतर केंद्र की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष को जमकर एक-दूसरे पर भले ही कटाक्ष करते देखा जाता रहा हो, लेकिन सदन के बाहर अरसे से इन्हीं नेताओं को हंसी-मजाक करते देखा जाता रहा है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मामले में ऐसा नहीं होना सियासी चर्चा के केंद्र में है। हालांकि एक बार इससे पहले भी भारतीय राजनीति का यह पारंपरिक शिष्टाचार टूटा था। बताते हैं कि उस समय कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी के प्रति इतनी शत्रुतापूर्ण थीं कि जब आडवाणी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देने की कोशिश की तो उन्होंने अपना चेहरा घुमा लिया था। लेकिन, बाद के दिनों में इन दोनों नेताओं को आधिकारिक कार्यक्रमों में सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत करते देखा गया था।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *