कश्मीर पर आज हो सकता है बड़ा फैसला

दिल्ली।कश्मीर मे हाई अलेर्ट मोबाइल इंटरनेट सेवा आधी रात से बन्द ,
कश्मीर पर आज हो सकता है बड़ा फैसला
35-A मामला क्या है ?

आखिर 35-A पर क्यों छिड़ी है राष्ट्रीय बहस, विस्तार से समझिए

जबकि केंद्र सरकार ने इन अटकलों-अफवाहों को खारिज किया है। ऐसी चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा के घोषणा पत्र में जम्मू कश्मीर अहम मुद्दे के तौर पर शामिल था। अनुच्छेद 35-A जम्मू-कश्मीर को विशेष बनाता है। आइए, जानते हैं कि आखिर अनुच्छेर 35 ए है क्या और इसके अंतर्गत कौन सी विशेषताएं मिलती है!

क्या है अनुच्छेद 35ए

35-ए को 1954 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर सरकार की सहमति से राष्ट्रपति के आदेश से जोड़ा गया था। यह अनुच्छेद राज्य विधानसभा को राज्य के स्थायी निवासी की परिभाषा तय करने का अधिकार देता है। इसके तहत यहां के निवासियों को कुछ विशेष अधिकार दिए गए हैं। अस्थायी नागरिक न तो जम्मू-कश्मीर में स्थायी रूप से बस सकते हैं न वहां संपत्ति खरीद सकते हैं। आदेश तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने अनुच्छेद 370 के तहत नेहरू सरकार की सलाह पर किया था जारी,
जम्मू-कश्मीर में 38 हजार अतिरिक्त जवानों की विभिन्न हिस्सों में तैनाती किए जाने की हलचल के बीच हर ओर अलग अलग तरह की बहस छिड़ चुकी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 2018 से लेकर अब तक राज्य में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक कर्मियों की संख्या बढ़कर 75,000 हो गई है और इतनी बड़ी संख्या में सेना की तैनाती को धारा 35-A को खत्म करने से जोड़कर देखा जा रहा है, सोशल मीडिया पर इससे जुड़े संदेश एक-दूसरे को भेज रहें है
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जम्मू-कश्मीरः कई शहरों में मोबाइल, इंटरनेट सेवा बंद, अधिकारियों को बांटे गए सेटेलाइट फोन।
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सेना और सरकार अलगाववादी नेताओं के कार्यकलापों पर पैनी नज़र रखे हुए है ।

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