एटीएम गार्ड और तक्नीशियन गिरफ्तार, 12 लाख बरामद

चकाई मोड़ एसबीआई एटीएम गबन मामले का पुलिस ने खोला राज/ बैंक के दो अधिकारी पूर्व में भेजे जा चुके हैं जेल/संदेह के घेरे में बैंक व आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारी/बैंक अधिकारी संजय कुमार केसरी के पास है गबन की बाकी राशि : एसपी

देवघर/संवाददाता। जसीडीह थाना क्षेत्र के चकाई मोड़ एसबीआई एटीएम से 51 लाख के गबन मामले की गुत्थी खोलने में पुलिस को कामयाबी मिली है। दो बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को 12 लाख रुपये के साथ एटीएम गार्ड मनोज मंडल भी देवघर से पुलिस गिरफ्त में आया। दूसरी ओर एटीएम को टेक्नीकल सपोर्ट दे रही कंपनी सीएमसी के मैकेनिकल इंजीनियर विजय कुमार सिंह को पुलिस ने बिहार के भोजपुर से गिरफ्तार किया। एटीएम गबन मामले में दोनों गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

मामले में अबतक हुई है चार गिरफ्तारियां

पुलिस ने गिरफ्तार गार्ड के पास से 51 लाख में से 12 लाख रुपया बरामद किया है। इसके पूर्व मामले में बैंक के दो अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले में पुलिस ने अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कप्तान नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और जांच के दौरान संदेह के घेरे में एसबीआई व आउटसोर्सिंग कंपनी के कई अधिकारी हैं। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है। शीघ्र ही इस मामले में संलिप्त सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

बैंक अधिकारी संजय केसरी भी लिये जाएंगे गिरफ्त में

एसपी कहा कि बरामद 12 लाख के बाद अब गबन की बाकी राशि बैंक अधिकारी संजय कुमार केशरी के पास है जो देवघर के पुरनदाहा के रहने वाले हैं। पुलिस शीघ्र उनकी गिरफ्तारी कर गबन का रुपया बरामद करने का प्रयास कर रही है। एसबीआई के एक एटीएम से 51 लाख 14 हजार रुपये गायब करने के मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया हैं। गिरफ्तार लोगों में मुख्य रूप से एडमिनिस्ट्रेशन सेल के अधिकारी संजय कुमार केसरी, कैश एडमिनिस्ट्रेशन बृंदा प्रसाद, मैकेनिकल इंजीनियर विजय कुमार सिंह और एटीएम गार्ड मनोज मंडल शामिल हंै। इनके पास से 12 लाख रुपये और तीन मोबाइल बरामद किया गया है। मैकेनिकल इंजीनियर विजय कुमार सिंह, सीएमसी नामक कंपनी के लिए कार्य करते हैं और यह कंपनी एटीएम को टेक्नीकल सपोर्ट करती है।

जालसाजों से ऐसे दिया गबन को अंजाम

एसपी ने बताया कि बीते 10 जुलाई को बिजली कड़कने से एटीएम सेंटर की बिजली और सीसीटीवी का लाइन 13 जुलाई तक खराब था। ऐसे में विजय कुमार सिंह ने 12 जुलाई को शाम करीब सात बजे संजय कुमार केसरी व अन्य अभियुक्तों से मिलकर एटीएम का गुप्त पासवर्ड लेकर एटीएम के निजी गार्ड के सहयोग से घटना को अंजाम दिया।

बैंक मैनेजर व कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध : एसपी

एसपी ने बताया कि इस मामले में बैंक के वरीय पदाधिकारी और मैनेजर प्रशांत कुमार की भूमिका संदिग्ध पायी गयी है। इसका अनुसंधान जारी है। एसपी ने बताया कि इसमें कई अधिकारियों के संलिप्त होने की संभावना है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने बताया कि घटना के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी अनुसंधान के जरिये चार लोगों को गिरफ्तार किया। छापेमारी टीम में मुख्य रूप से देवघर एसडीपीओ विकास चंद श्रीवास्तव, जसीडीह थाना प्रभारी दयानंद आजाद, राम प्रसाद मिश्रा, रामानंद सिंह और प्रदीप कुमार सिंह शामिल थे। प्रेसवार्ता के दौरान बैंक के वरीय अधिकारी पंकज झा, प्रशांत कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। उल्लेखनीय है कि प्रशांत कुमार एटीएम चैनल के हेड हैं और पुलिस उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए बुला सकती है।

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