चोरी कर भरा पेट तो ले ली थी जान, महिला को अब मिली सजा

दो सगे भाईयों की हत्या मामले में आजीवन कारावास/6 व 7 वर्ष के दो भाईयों को सब्जी में जहर मिलाकर खिलाया और कर दी थी हत्या/लावारिस बच्चों का कसूर केवल इतना था कि उसने खाना चोरी कर खाया था

दुमका/संवाददाता। दुमका के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार की अदालत ने 5 वर्ष पूर्व दो भाईयों की जहर देकर हत्या करने के मामले में शिकारीपाड़ा के ढाका गांव की महिला मुखी हेम्ब्रम को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। कोर्ट ने भादवि की धारा 302 में उसे आजीवन कारावास व धारा 328 में 10 साल की सजा सुनायी है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने महिला पर 27,000 रुपया का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं जमा करने पर उसे डेढ़ साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस केस में अभियुक्त मुखी हेम्ब्रम 19 नवंबर 2014 से ही जेल में बंद है।

दोषी सिद्ध महिला ने जिन दो लावारिस बच्चों की हत्या कर दी थी, उन बच्चों का कसूर महज इतना था कि उसने पेट की आग बुझाने के लिए पड़ोसी के घर में बने हुए खाने को चुरा कर खा लिया था। यह घटना शिकारीपाड़ा के ढाका गांव में 19 नवंबर 2014 को हुई थी।

गांव के गणेश हांसदा (7 वर्ष) और अविनाश हांसदा (6 वर्ष) के माता-पिता का देहांत हो चुका था। दोनों अपनी नाबालिग बहन के साथ ढाका गांव में रहते थे। 18 नवंबर 2014 को दिन में उनके घर में खाना नहीं बना था। दोनों भाई भूख से व्याकुल थे। दोनों चुपके से पड़ोस में रहनेवाली मुखी हेम्ब्रम के घर गये और उसका खाना चोरी कर खा लिया। इस बात की जानकारी जब मुखी को हुई तो आवेश में आकर उसने दोनों अबोध भाईयों को सबक सिखाने के लिए शाम में अपने घर बुलाकर खाना खिलाया। मुखी ने सब्जी में जहर मिला कर दोनों भाईयों को खिला दिया। जिसे खाने के बाद दोनों ने घर में ही दम तोड़ दिया।

दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनकर ग्रामीण जुट गये और छानबीन में पता चला कि मुखी ने दोनों की जहर देकर हत्या कर दी है। ग्रामीणों ने मुखी हेम्ब्रम को पकड़ लिया और पुलिस को घटना की सूचना दी। 19 नवंबर 2014 की सुबह पुलिस ने दोनों भाईयों के शव को बरामद कर मुखी हेम्ब्रम को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बच्चों के शवों का मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम करवाया था और विसरा को सुरक्षित रख कर जांच करवायी गयी थी।

अभियोजन की ओर से एपीपी सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने इस केस में 9 गवाहों का बयान कोर्ट में दर्ज करवाया। गवाहों के बयान, पुलिस के अनुसंधान और विसरा रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने मुखी हेम्बेम को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनायी है। इस केस में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता निशिकांत प्रसाद ने बहस की। जबकि पैरवी पदाधिकारी सअनि वीरेंद्र प्रसाद थे।

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