पारितोष सोरेन समेत 5 भाजपा नेताओं को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

बगैर ग्राम प्रधान की अनुमति से पंडाल बनाना भाजपा नेताओं को पड़ा महंगा, बनाया बंधक/ग्राम प्रधान की अनुमति के बिना गांव में प्रवेश पर जतायी आपत्ति/पंडाल देखने गये थे भाजपाई, कोल ब्लॉक का विरोध कर रहे थे ग्रामीण/ग्रामीणों ने तीन घंटे बाद बांड भरवाकर भाजपा नेताओं को छोड़ा

शिकारीपाड़ा/दुमका/निज संवाददाता। शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे भाजपा नेता पारितोष सोरेन के साथ रामायण भगत, विकास कुमार भगत, साहेब सोरेन और बालेश्वर हेम्ब्रम को शिकारीपाड़ा के पंचवाहिनी गांव में कोल ब्लॉक का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने रविवार को तीन घंटे तक बंधक बनाये रखा। बाद में बांड भरने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें मुक्त किया। यहां बता दें कि 20 सितंबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास का शिकारीपाड़ा कॉलेज मैदान में सभा है। सम्मेलन से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मेलन इस गांव में रखा गया है। पारितोष सोरेन सहित सभी भाजपा नेता ब्राह्मणी नदी के किनारे आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के लिए बन रहे पंडाल को देखने गये थे।

पंचवाहिनी सहित 22 गांवों में कोल ब्लॉक का विरोध जारी

शिकारीपाड़ा के पंचवाहिनी सहित 22 गांवों में कोल ब्लॉक के विरोध में लगातार आंदोलन चल रहा है। हाल ही में झामुमो विधायक नलिन सोरेन और स्टीफन मरांडी ने कोल ब्लॉक के खिलाफ चल रहे आंदोलन को वहां की बैठक में शामिल होकर झामुमो के ओर से समर्थन देने की घोषणा की है। रविवार को भाजपा नेताओं के साथ पारितोष सोरेन जब पंडाल देखने गांव गये तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। पंचवाहिनी गांव के शिव मंदिर के किनारे भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए हजारों लोगों के खाने पीने की व्यवस्था की जा रही थी।

बिना अनुमति गांव आने के खिलाफ जुटे ग्रामीण

ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी हुई कि भाजपा के लोग बिना ग्राम प्रधान की अनुमति के गांव आये तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और अगल-बगल के कई गांवों के लोग एकत्रित हो गये। बिना ग्राम प्रधान की अनुमति के गांव में प्रवेश करने के आरोप में ग्रामीणों ने पारितोष सोरेन सहित भाजपा नेताओं को बंधक बना लिया। सूचना पर शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। मगर, पुलिस कोे भी गांव में प्रवेश करने से रोक दिया गया। बाद में इन भाजपा नेताओं ने ग्रामीणों को एक बांड लिख के दिया कि उन्होंने ग्राम प्रधान से अनुमति नहीं लेकर गलती की थी। इसके बाद सभी को मुक्त किया गया।

महज एक हजार वोट से हारे थे पारितोष

मालूम हो कि पारितोष सोरेन झाविमो प्रत्याशी के रूप में शिकारीपाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं और महज एक हजार वोटों के अंतर से वे 2009 में चुनाव हारे थे। वर्ष 2018 में पारितोष सोरेन भाजपा में शामिल हो गये और वह विधानसभा चुनाव में पार्टी के संभावित प्रत्याशियांे में पहले नंबर पर माने जाते हैं।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *