विधायक सूर्यदेव सिंह जी की 40 साल पहले झरिया वाशियों के लिए शुरू की गई सेवा आज भी घर की बहु रागिनी आगे बढ़ाने में लगी है

*कब कब कैसे कैसे *

1977 – 91 = स्व0 सूर्यदेव सिंह 3 बार विधायक रहें
1991 – 95 = मध्यावधि चुनाव आबोदेबी mla (लालू लहर)
1995 – 2000 °= बच्चा सिंह (भाई)mla 【उस वक्त सिंह मेंसन निवासी】
2000 – 05- 10-2014 = कुंती सिंह 3 बार विधायक

 

2014 – 2019 = संजीव सिंह 1 बार- नीरज को हराकर बने विधायक
2019- रागिनी सिंह उम्मीदवार भाजपा (बहू)
                  *अब टक्कर*

 

*झरिया में अब की एक ही परिवार की दो बहुएँ आमने सामने*

*रागिनी v/s पूर्णिमा*

धनबाद।कोयला की राजधानी झरिया अविभाजित बिहार के समय से ही झरिया अलग पहचान रखती है करीब हर भोजपुरी फिल्मों में झरिया के बगैर कोई भी भोजपुरी गीत पूरी नहीं होती है क्योंकि कोयला की राजधानी कही जाने वाली कोयलांचल का क्षेत्र जिसमें कोयला माफिया शब्द के अलावे मजदूरों का भी एक खास पहचान झरिया में है कहां जाता है कि झरिया के मजदूर वोटर जिनको अपना आशीर्वाद देंगे वही विधानसभा पहुंच सकता है मजदूर मसीहा कहे जाने वाले विधायक सूरज देव सिंह के बाद उनकी पत्नी कुंती सिंह भाजपा के टिकट से जीत दर्ज की थी तीन बार जीत के बाद अस्वस्थ शरीर के कारण बेटा संजीव के नाम से मुहर लगाई थी जो बाद में नीरज सिंह जो अपने चचेरे भाई से कड़े टक्कर के बाद 2014 में विधायक बने थे,

*रागिनी सिंह कब हुई राजनीति में सक्रिय*

अब नीरज के हत्या के बाद थोड़ी परिस्थिति बदल गई है, विधायक संजीव सिंह जेल में है पत्नी राजनीतिक काम काज देख रही है जो कि पिछले धनबाद लोकसभा चुनाव में संजीव के अपने सगे भाई सिद्धार्थ गौतम लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव में उतरे थे भाजपा प्रत्याशी को पराजित करने की मंशा ले कर, उसके बाद ही आनन-फानन में विधायक संजीव की पत्नी रागिनी सिंह को राजनीतिक भीष्म पितामह कहे जाने वाले सांसद पी एन सिंह ने भाजपा की सदस्यता दिला कर पूरे चुनाव में अपने साथ लेकर पूरे लोकसभा चुनाव क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में प्रचार प्रसार में लगाये रखे थे ,
उधर 2014 में नीरज सिंह के हार के बाद रघुकुल कहे जाने वाले परिवार झरिया में लगातार मजदूर राजनीति कर रहे हैं चुकीं अचानक नीरज की हत्या के बाद उनकी पत्नी पूर्णिमा सिंह अब झरिया में कमान संभाल रखी है और अब कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मैदान में खड़ी है देवरानी और जेठानी सामने सामने ।

*विधायक जी जेल में लेकिन रागिनी गली गली*

विधायक संजीव जी जेल में है ऐसे में माहौल को ही भांपकर रागिनी सिंह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ लगातार धुँआधार दिन रात भ्रमण पड़ यात्रा लोगों से मिलना जुलना कर रही है कोई अवसर छोड़ना नहीं चाहती है जिसमे शिकायत का कोई मौका हो ,

*पूर्णिमा नीरज सिंह भी सक्रिय*

नीरज की पत्नी पूर्णिमा सिंह अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र का दौरा में लगी है,

ऐसे तो 40 सालों से एक ही परिवार सिंह मेंसन में विधानसभा सीट रहा है

अब एक ही घराना की दो बहूएं मैदान में है , देखना दिलचस्प होगा कि झरिया की जनता किसे अपना बागडोर सौपतीं है

            *लोगों की बात मानें तो*

लेकिन लोगों की बात करे सर्वे के सपना आधार माने तो ये पक्का है की झरिया बिधान सभा से भाजपा उम्मीदवार ही हमेशा से भारी रही है ।
                   चेहरा कोई भी हो ।।
                  *वक्त का इंतजार करें*

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