नेशनल लोक अदालत में 32 आश्रितों को मौके पर मिला नियुक्ति पत्र।

■ 1 अरब 66 करोड़ 78 लाख 7 हजार 652 रूपये का बीसीसीएल ने किया कर्मीयों को भुगतान
■ 15 बेसहारा बच्चों को मिला डालसा का सहारा
■ शांति समृद्धि ,प्रेम और सौहार्द पाने का सबसे अच्छा मंच है लोक अदालत. प्रधान जिला जज

धनबाद : नालसा के निर्देश पर वर्ष 20 के पहले नेशनल लोक अदालत में धनबाद जिले ने विवादों का निस्तातरण कर रेकॉड बनाया है ! शनिवार को आयोजीत नेशनल लोक अदालत मे धनबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चेयरमैन सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बसंत कुमार गोस्वामी के सफल निर्देशन में मौके पर 32 लोगों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ती पत्र बीसीसीएल द्वारा सौंपा गया ।

जबकी कुल 14 एरीया के कर्मचारीयों के लीव एनकैशमेंट, टीए डीए , एलटीसी बिल मेडिकल बिल एवं ग्रेच्युटी के रूप के बकाया रकम कुल 1 अरब 66 करोड़ 78 लाख 7 हजार 652 रूपये का मौके पर भुगतान किया। वहीं 15 बेसहारा बच्चों को स्पोंसरसीप फोस्टर केयर स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ के कागजात सौंपे गये जिसके तहत दो हजार रूपये प्रतिमाह उन बच्चों को सरकार उनके मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भुगतान करेगी। 

सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी।

हमारा संविधान हर लोगों को सामाजीक , आर्थिक एवं सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है । नेशनल लोक अदालत संविधान के परिकल्पना को पूरी करने के दिशा में एक कदम है उक्त बातें शनिवार को धनबाद सिविल कोर्ट में आयोजित नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन के मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह चेयरमैन डालसा बसंत कुमार गोस्वामी ने कही।

इसके पूर्व सुबह 10ः30 बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चेयरमैन सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बसंंत कुमार गोस्वामी,उपायुक्त अमित कुमार,कुटुंब न्यायाधीश सत्य प्रकाश,अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक भारत कोकिंग कोल लिमिटेड पीएम प्रसाद,डायरेक्टर तकनीकी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड आर एस महापात्रा
डिविजनल जनरल मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अजय प्रभाकर जोशी,धनबाद बार के अध्यक्ष श्री राधेश्याम गोस्वामी
ने दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन किया।

न्यायाधीश श्री गोस्वामी ने कहा कि लोक राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य जनता को त्वरित एवं कम खर्च पर न्याय दिलाना है। लोक अदालत पर लोगों का विश्वास निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है।
लोगों मे प्रेम ,शाति ,समृद्धि और समरसता बनी रहे यही इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है।
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक पीएम प्रसाद ने कहा कि उन्होंनेे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से जमीन के संबंध में रैयतों के बीच चल रहे विवाद का भी लोक अदालत के माध्यम से सुलह करने का आग्रह किया। साथ ही कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत सहयोग प्रदान करने का भी आश्वासन दिया।उपायुुक्त अमित कुमार ने कहा कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में विभिन्न विभागों ने सामंजस्य स्थापित कर इसका सफल आयोजन किया है। राष्ट्रीय लोक अदालत में गरीबों को लाभ मिलेगा। लोग मुकदमों में उलझे रहते हैं। लोक अदालत में वादों का त्वरित निष्पादन से पक्षकारों को राहत मिलती है और समय तथा ऊर्जा की बचत होती है। गरीबों को वित्तीय नुकसान से राहत मिलती है। साथ ही सरकार के लिए राजस्व भी जनरेट होता है। सुलह और समझोता के आधार पर वादों का निष्पादन करने के लिए यह एक बेहतरीन प्लेटफार्म है।

कुटुंब न्यायाधीश सत्य प्रकाश ने कहा कि लोक अदालत में दोनों पक्षकारों की दूरी कम होती है। बैंक, सिविल, पारिवारिक व अन्य मामलों का त्वरित निष्पादन होता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि लोगों के हित के लिए लोक अदालत का आयोजन किया जाता है।

मौके पर दिया 32 आश्रितों को नियुक्ती पत्र

नेशनल लोक अदालत में मौके पर ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बसंत कुमार गोस्वामी एवं बीसीसीएल के सीएमडी, डी पी, उपायुक्त ने 32 आश्रितों को नियुक्ती पत्र सौंपा .महीनों से ये आश्रित कार्यालयों का चक्कर लगाते थक गये थे .परंतु डालसा के प्रयास से उन्हे तुरंत नौकरी की नियुक्ती पत्र मिल गई।

जिन्हें मिली नौकरी
प्रतिभा सिंह,हाड़ी सुरेंद्र यादव ,आरती देवी ,राजू तूरी ,मोहम्मद रशीद जिया अनिल कुमार, भीम तूरी, नीलम कुमारी, बबलू कुमार महतो ,पंकज कुमार राजभर ,सविता देवी, मनीष कुमार दास ,कृष्णा पासवान आविद अंसारी ,मंजू बाउरी, या देवी ,धर्मेंद्र कुमार, गोपाल चौहान अनिल कुमार भारती ,रोहित भूईया ,रितेश कुमार, गयाराम कुमार महतो ,लखविंदर कुमार ,मुन्नी कुमारी ,सुनील कुमार ,राजू किस्कू, सद्दाब खान ,कार्तिक देशवाल ,मोहम्मद तारिक अनवर, विश्वजीत प्रताप ,एवं सुरेश रजवार।।

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