विश्व जैव विविधता दिवस में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैठक सम्पन्न

धनबाद। विश्व जैव विविधता दिवस के उपलक्ष में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैठक का आयोजन किया गया जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मनाई गई विश्व जैव विविधता दिवस कार्यशाला को संबोधित करते हुए जैव विवधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रेम चन्द्र ने कहा :-
हमारे भोजन में गेहूं चावल दाल तरह-तरह की सब्जियां भाजी कंदमूल( आलू प्याज गाजर मूली शलजम सिकंदर आदि) फल फूल तेल मिर्च मसाले अंडा मछली मांस दूध दही मट्ठा पनीर तरह तरह के अनेक वस्तुएं शामिल होती है. जिस तरह भोजन की विविधता मनुष्य के स्वास्थ्य और शरीर को संतुलित रखने के लिए जरूरी है उसी तरह प्रकृति को और उसमें पाए जाने वाले सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधों सहित सभी वनस्पतियों के जीवन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जीव जगत में पाई जाने वाली अधिक से अधिक विविधता की जरूरत है. जीव जगत का जीवन एक दूसरे पर आधारित है कहते हैं कि “जीव: जिवस्यः भोजनम ” अर्थात एक जीव दूसरे जीव का भोजन है जैसे पीतल घास खाता है और फिर बाग शीतल को खाता है इसी तरह से अलग-अलग बहुत सी कमियां मिलकर भोजन से कम रहती है जीवन का जाल भोजन से कराओ से मिलकर बनता है. जीवन के इस जाल में जितनी अधिक कड़ियां और श्रृंखलाओं के ताने-बाने होंगे उतना ही मजबूत और स्वस्थ होगा हमारा जीवन और पर्यावरण।

अलग अलग प्रकार की जैव विविधता से हमें अलग-अलग प्रकार के जैवसंसाधन मिलते हैं,जिनका व्यवसायिक उपयोग किया जाता है और विभिन्न प्रकार के उद्यागों जैसे औषधि, कास्मेटिक, आयुर्वेदिक उत्पाद इत्यादि बनाने में किया जाता है।

उदाहरण के लिये नीम का पेड़ जैवविविधता है या जैव संसाधन, जिससे अलग-अलग जैवसंसाधन प्राप्त होते हैं जैसे -नीम की पत्ती, नीम की छाल, निबोली जिनका उपयोग विभिन्न उत्पाद बनाने में किया जाता है। एक अनुमान अनुसार दुनिया की 80 प्रतिषत दवाइयों जैव संसाधनों से बनाई जाती है।

इस कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों ने पांच प्रकार के निर्णय लिए इसमें से है
1. घर का पानी घर में
2. घर का कचरा घर में
3. पक्षी के लिए घर बनाना एवं पानी की व्यवस्था करना
4. पंचवटी जाने बेल, बरगद, आमला, पीपल, अशोक का पेड़ लगाना
5. प्रत्येक दिन हवन करना जिससे कि आसपास का वातावरण शुद्ध हो और विभिन्न प्रकार के जीवाणु विषाणु वायरस से लड़ने में सक्षम हो सकें।

कार्यशाला को जिला परिषद जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह एवं सचिव रोहित महतो तथा नगर निगम क्षेत्र के जैव विवधता प्रबंधन समिति के सचिव संतोष श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।

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